उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पराली जलाने के मामले में कृषि विभाग ने 27 किसानों के खिलाफ कार्रवाई की है. सैटेलाइट इमेज (Satellite Image) के आधार पर कार्रवाई की गई है. सभी किसानों को तहसील से नोटिस देकर वसूली की जाएगी. इसके साथ ही नोटिस देकर किसानों से जवाब मांगा गया है. कार्रवाई से किसानों में हड़कंप मचा हुआ है.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को निर्देशित किया था कि खेतों में पराली जलाने पर रोक लगाई जाए. सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देश दिए थे कि सुनिश्चित करें कि किसान खेतों में पराली न जलाएं. इस पर जिला प्रशासन ने सभी तहसील और थानेदारों को पत्र भेजकर सूचना दी थी कि इलाके में किसान पराली न जलाने पाएं.
अधिकारियों ने किया यह दावा
इसके बावजूद किसान अपने खेतों में पराली जला रहे हैं. जिले के अधिकारियों का दावा है कि सभी किसानों को निर्देश भी दिया गया कि पराली न जलाएं. अगर, कोई जलाता मिलता है तो उसके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा.
मामले में उप कृषि निदेशक ने कही ये बात
उप कृषि निदेशक सतेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसील स्तर पर कमेटी गठित की गई हैं. अगर कहीं कोई पराली जलाता है तो जुर्माना लगाया जाएगा. अगर कोई किसान एक एकड़ से कम एरिया में फसल अवशेष जलाता है तो उससे 2500 का जुर्माना वसूला जाएगा. 1 एकड़ से 2 एकड़ जमीन पर 5 हजार जुर्माना है.
27 किसानों पर जुर्माना और वसूली की कार्रवाई
2 एकड़ से अधिक जमीन पर फसल अवशेष जलाने पर 15 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा. सैटेलाइट के माध्यम से पराली जलाने की जो रिपोर्ट प्राप्त होती है, उसके आधार पर राजस्व विभाग को सूचित करते हैं. उप जिलाधिकारी के माध्यम से किसान से जुर्माना वसूला जाता है. अब तक जनपद में ऐसी 27 घटनाएं हुई हैं. जुर्माना और वसूली की कार्रवाई की जा रही है.