आज श्रीलंका की राजधानी कोलंबो स्थित आर प्रेमदासा स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान के बीच टी-20 वर्ल्डकप का मैच होने वाला है. ऐसे में पाकिस्तान की टीम के प्रति श्रीलंका के एक खास दर्शक वर्ग की मोहब्बत की चर्चा शुरू हो गई है. क्योंकि कोलंबो के इस स्टेडियम में जब-जब भारत-पाक मैच होता है, वहां की ऑडियंस पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते दिखते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर श्रीलंका का पाकिस्तान के साथ ऐसा क्या खास कनेक्शन है, जिस वजह से वहां के दर्शकों का इस तरह से पाकिस्तान के लिए प्यार उमड़कर बाहर आता है?
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए श्रीलंका के दर्शकों का प्यार-मोहब्बत कोई नई बात नहीं है. जब- जब आर प्रेम दसा स्टेडियम में भारत-पाक मैच होता है, वहां के दर्शक पाकिस्तान के पक्ष में तालियां बजाते दिखाई देते हैं. इसके पीछे कई वजहें हैं. पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच का प्यार कोई नया नहीं है, यह कनेक्शन दशकों पुराना है.
श्रीलंका का पाकिस्तान के साथ क्या खास रिश्ता है
अल जजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1971 में जब भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध हो रहा था. तब श्रीलंका ने पाकिस्तानी जेट विमानों को ईंधन भरने के लिए अपने हवाई अड्डों का उपयोग करने की अनुमति दी थी. दशकों बाद पाकिस्तान ने श्रीलंका की सेना की मदद की. जब वह अलगाववादी तमिल समूह लिबरेशन ऑफ टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) के सशस्त्र विद्रोहियों से लड़ रही थी, जो श्रीलंका की तमिल आबादी के लिए एक अलग राज्य बनाना चाहता था. तब पाकिस्तानी सैन्य उपकरण और अधिकारी श्रीलंकाई सेना की सहायता के लिए कोलंबो भेजे गए थे.
वहीं जब पाकिस्तान खुद को सशस्त्र समूहों के हमलों के बीच घिरा हुआ पाया, तो श्रीलंका ने पाकिस्तानी सेना को आतंकवाद विरोधी अभियानों में ट्रेनिंग देने की पेशकश की थी. वहीं जब क्रिकेट की बात आती है तो, पाकिस्तान और श्रीलंका ने दर्जनों द्विपक्षीय श्रृंखलाएं खेली हैं और ऐसे दौरों का आयोजन किया है, जब दूसरे देशों की क्रिकेट टीमों ने सुरक्षा चिंताओं के कारण पाकिस्तान में खेलने से इनकार कर दिया था.
श्रीलंकाई टीम पर हमले के बाद भी खेले गए मैच
मार्च 2009 में, लाहौर में बंदूकधारियों ने श्रीलंका क्रिकेट टीम की बस पर हमले किए, जिसमें श्रीलंकाई टीम के छह सदस्य घायल हो गए थे. तब श्रीलंका की जनता में आक्रोश फैल गया, लेकिन वहां की सरकार और क्रिकेटरों ने पाकिस्तान को समर्थन देने का वादा किया. इस हमले में जिस पाकिस्तानी बस चालक ने टीम को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया था, उसे श्रीलंकाई क्रिकेट सितारों ने हीरो बताया और एक महीने बाद श्रीलंका की सरकार ने उसे एक छुट्टी पर अपने देश में आमंत्रित किया था.
अब बारी आती है आर प्रेमदासा स्टेडियम में भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान श्रीलंकाई दर्शकों के पाक टीम के सपोर्ट में नारे लगाने की. बता दें कि उस स्टेडियम में ऐसा होने के पीछे भी एक बड़ी वजह है. आर प्रेमदासा स्टेडियम, जहां भारत-पाक के बीच कई मैच हुए हैं, वो खेत्तारमा नामक घनी मुस्लिम आबादी वाले इलाके से घिरा हुआ है.
आर प्रेमदासा स्टेडियम में क्यों लगते हैं 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे
स्टेडियम की चारदीवारी के चारों ओर संकरी, बहुमंजिला इमारतों की कतारें फैली हुई हैं, जिनकी चारदीवारी आपस में सटी हुई हैं. सड़कों पर विभिन्न आकारों की कई चमकीले रंगों से रंगी मस्जिदें दिखाई देती हैं. जब पाकिस्तानी क्रिकेट टीम शहर में आती है, तो पूरा इलाका उत्साह से भर जाता है. टीम की सफलता के लिए इलाके की मुख्य मस्जिद में विशेष प्रार्थनाएं की जाती हैं.
कुछ श्रीलंकाई मुसलमानों के लिए, पाकिस्तान का समर्थन करने का कारण धार्मिक बंधन भी है, तो कुछ के लिए ये इससे परे है. वहीं आर प्रेमदासा स्टेडियम के आसपास का जो माहौल है वो शुरू से पाकिस्तान और श्रीलंका के उस रिश्ते का पक्षधर रहा है, जो पाकिस्तान के प्रति शुरू से सहानुभूति रखता है.
उस इलाके के मुस्लिम खेल प्रशंसक खुलेआम खुद को पाकिस्तान टीम का सपोर्टर बताते हैं और उन्हें इस बात की खुशी है. इसके पीछे क्या वजह है, इस बारे में वो ज्यादा बात नहीं करना चाहते. पूर्व और वर्तमान पाकिस्तानी क्रिकेटरों के प्रति अपने प्यार के बारे में इस इलाके के मुस्लिम श्रीलंकाई नागरिक जोश से बात करते हैं और कहते हैं कि जब भारत-पाक का श्रीलंका में मैच होगा तो लाजमी है कि वो पाकिस्तान को ही सपोर्ट करेंगे.