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इस नवजात के माथे पर बन रहा है त्रिशूल का निशान...

भारत को धार्मिक मान्यताओं और चमत्कारों का देश माना जाता है. हाल में ऐसा ही चमत्कारिक मामला झारखंड के रामगढ़ में सामने आया है...

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ये अनोखा मामला झारखंड का है.
ये अनोखा मामला झारखंड का है.

बच्चे का जन्म किसी भी परिवार में खुशियों लेकर आता है. आसपास के लोग बधाई भी देने आते हैं और बच्चे के उज्जवल भविष्य की कामना भी करते हैं. अब आप सोच रहे होंगे इसमें क्या नई बात है, ये तो आम बात है.

कई बार बच्चे का जन्म कुछ कारणों से खास हो जाता है. ऐसा ही एक मामला झारखंड के दुमका जिले के रामगढ़ बाजार में सामने आया है. यहां एक अद्भुत बच्चे ने जन्म लिया है. लोग इस बच्चे का दर्शन कर खुद को धन्य मान रहे हैं.

बच्चे में ऐसी क्या है खास बात
रामगढ़ के अरूण कुंवर के घर 10 अगस्त को जन्म उनका पोता अपने माथे, बाजू और छाती पर प्रतिदिन बदल-बदल कर त्रिशूल, स्वास्तिक, ऊं, त्रिनेत्र आदि की आकृति उभर बनने के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है.

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बच्चे की झलक पाने को बेताब हैं लोग
इस बात का पता चलते ही आसपास के गांव के लोग रोज रामगढ़ पहुंच रहे हैं. कोई बच्चे को शिव तो कोई दुर्गा तो कोई विष्णु का अवतार मान रहा है. रोज सुबह अरूण कुंवर के घर इस अद्भुत बच्चे को देखने वालों का तांता लगा रहता है.

दिख रही है त्रिशूल की स्पष्ट छवि
हाल में बच्चे के माथे पर त्रिशूल की आकृति उभरी हुई दिखी थी. इसे बच्चे के माथे पर साफ देखा जा सकता था. शाम होते-होते यह आकृति धूंधली पड़ने लगती है और अंधेरा होने पर यह गायब हो जाती है. दूसरे दिन फिर यह आकृति दिखने लगती है.

बच्चा है पूरी तरह स्वस्थ
परिवार का कहना है बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और इस बात का उसके स्वास्थ्य पर कोई असर नहीं पड़ रहा है. बच्चे के घर में त्योहार जैसा माहौल है और जल्द ही यहां अष्टयाम कीर्तन के आयोजन की तैयारी हो रही है.

क्या कहते हैं डॉक्टर
बच्चे की जांच करने वाले स्थानीय डॉक्टर इस बात से हैरान है. स्थानीय डॉक्टर का कहना है कि ऐसा क्यों हो रहा है इस बात का पता तो किसी बड़े मेडिकल संस्थान में जांच करने से ही चल पाएगा. उनका मानमा है कि ब्लड कैपलरीज डिफेक्ट से हिमान्जयोमा नामक बीमारी के कारण भी ऐसा हो सकता है.

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