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एक शादी ऐसी भीः साइकिल चला दुल्हन के घर पहुंचा दूल्हा और बाराती, जोमैटो से मेहमानों को पहुंचाया खाना

बर्धमान में सज-धजकर एक दूल्हा 18 किलोमीटर साइकिल चलाकर दुल्हन के घर शादी करने पहुंचा. कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए मेहमानों को  Google मीट में ऑनलाइन शादी में शामिल होने की व्यवस्था कराई गई. साथ ही शादी की दावत का खाना भी जोमैटो के जरिए कोलकाता और मुंबई में महमानों को डिलीवर कराया गया.

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साइकिल चलाकर दुल्हन के घर पहुंचा दूल्हा साइकिल चलाकर दुल्हन के घर पहुंचा दूल्हा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रिश्तेदार और मेहमानों ने गूगल मीट पर देखी शादी
  • सभी के लिए जोमैटो के माध्यम से भेजा गया खाना

पश्चिम बंगाल के बर्धमान में सज-धजकर एक दूल्हा 18 किलोमीटर साइकिल चलाकर दुल्हन के घर शादी करने पहुंचा. इस नजारे को देखकर हर कोई हैरान रह गया. रास्ते में लोग दूल्हे के साथ फोटो भी खिंचवाते भी नजर आए. पेट्रोल, डीजल की बढ़ती कीमतों के अलावा शहर में बढ़ते प्रदूषण को देखकर दूल्हे संदीपन और उसके परिजनों ने यह फैसला लिया.   

साइकिल से दुल्हन के घर पहुंचा दूल्हा 

कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए मेहमानों को  Google मीट में ऑनलाइन शादी में शामिल होने की व्यवस्था कराई गई. साथ ही शादी की दावत का खाना भी जोमैटो के जरिए कोलकाता और मुंबई में महमानों को डिलीवर कराया गया. शादी में ऑनलाइनल शामिल हुए मेहमानों ने नवदंपति को आशीर्वाद दिया. 

साइकिल चला दुल्हन के घर पहुंचा दुल्हा
साइकिल चला दुल्हन के घर पहुंचा दुल्हा

 

Google मीट में ऑनलाइन शादी में जुड़े मेहमान 

इस मौके पर संदीपन और अदिति ने कहा कि ऑनलाइन शादी करने से लेकर खाना पहुंचाने तक सब कुछ बहुत अच्छी तरह से हो गया. शुरू में वो काफी तनाव में थे यह कैसे होगा. कोरोना की तीसरी लहर के बीच पूरा आयोजन सुरक्षा के साथ पूरा हुआ.  संदीपन एक कारोबारी हैं और उनकी पत्नी अदिति कोलकाता में एक प्राइवेट कंपनी में काम करती हैं. 

साइकिल चला दुल्हन के घर पहुंचा दुल्हा
साइकिल चला दुल्हन के घर पहुंचा दुल्हा

 

दूल्हे की साइकिल चलाने वाली तस्वीरें वायरल

पूरे इलाके में यह शादी एक चर्चा का विषय बनी हुई है. सोशल मीडिया पर दूल्हे की साइकिल चलाने वाली तस्वीरें खूब वायरल हो रही हैं. इस शादी से दूल्हे और दुल्हन के परिजन पूरी तरह से खुश हैं. संदीपन का कहना है कि शादी के समय से ही लोगों को प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाने का संदेश देना ज्यादा जरूरी है. ऐसा करने से लोगों का ध्यान इन समस्याओं पर जाएगा. वहीं अदिति पहले तो साइकिल वाले आइडिया से सहमत नहीं थी लेकिन बाद में उन्होंने संदीपन की मंशा का समर्थन किया. 

(इनपुट- सुजाता मेहरा) 

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