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IAS पूजा के करीबियों के घर मिले करोड़ों, ये महिला IPS बोलीं- अगर आप चुप हैं तो...

IAS पूजा के मामले को लेकर लोग सोशल मीडिया पर दूसरे अधिकारियों को भी घेर रहे हैं. ऐसे में IPS डी पूजा ने लोगों को जवाब दिया है.

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IAS पूजा सिंघल मामले में अधिकारियों की चुप्पी पर बोली IPS डी पूजा (Credit- Pooja Singhal/ Instagram) IAS पूजा सिंघल मामले में अधिकारियों की चुप्पी पर बोली IPS डी पूजा (Credit- Pooja Singhal/ Instagram)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • IAS पूजा को लेकर सोशल मीडिया पर घिरे अधिकारी
  • IPS डी रूपा ने दिया लोगों को जवाब

IAS पूजा सिंघल झारखंड सरकार के खनन और भूविज्ञान विभाग की सचिव हैं. मनी लॉन्ड्रिंग केस में छापेमारी के बाद इन दिनों वह चर्चा में हैं. सोशल मीडिया पर उनकी वजह से लोग दूसरे IAS और IPS अधिकारियों को भी निशाने पर ले रहे हैं और उनकी चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं. ऐसे में IPS डी रूपा ने ट्वीट कर लिखा- दुख की बात यह है कि बहुत कम लोग करप्शन की निंदा करते हैं.

दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी में पूजा सिंघल के करीबियों के पास से करीब 19 करोड़ रुपए कैश में मिले हैं. जिसके बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स पूजा के बहाने दूसरे अधिकारियों को घेर रहे हैं.

डॉ. गौरव गर्ग नाम के यूजर ने ट्वीट किया. लिखा- बहुत सारे IAS अफसर हैं, जिन्हें ट्विटर पर लाखों लोग फॉलो करते हैं. वे लोग झारखंड की IAS पूजा सिंघल के मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं. ऐसा क्यों है? क्या यह चुप्पी किसी स्ट्रेटेजी के तहत है या वे लोग शर्मिंदगी की वजह से इस मामले पर कुछ बोल नहीं रहे हैं? या फिर ये ऐसा है जैसे तुम मेरी मदद करो और मैं तुम्हारी मदद करूंगा.

गौरव के ट्वीट को शेयर करते हुए डी रूपा ने जवाब में लिखा- अच्छा, हो सकता है यह किसी के बेशर्मी भरे काम के लिए एक "सम्मानजनक चुप्पी" हो.

IAS अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए चंकी नाम के एक यूजर ने लिखा- मैंने ट्विटर बहुत सारे आईएएस अधिकारियों को उपदेश देते देखा है. वे लोग बहुत सारे मुद्दों पर अपनी बात रखते रहते हैं. कभी वे मीम पोस्ट कर या कभी अपने विचार रख कर. लेकिन अब वे सभी लोग पूजा सिंघल के मामले पर चुप हैं.

जवाब में IPS डी रूप ने लिखा- वैचारिक मतभेदों पर लोग खूब लड़ते हैं. हालांकि, कोई भी आइडियोलॉजी पूरी तरह से सही या गलत नहीं हो सकती है. दुख की बात यह है कि बहुत कम ही लोग करप्शन की निंदा करते हैं. जिसकी हकीकत में खुले तौर पर आलोचना की जानी चाहिए. इसलिए नहीं क्योंकि यह अनैतिक है, बल्कि यह गैर-कानूनी भी है. अगर आप चुप हैं तो इसका मतलब यह है कि आपको इससे कोई दिक्कत नहीं है.

बता दें कि डी रूपा बेंगलुरु की इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस हैं. वह Karnataka Handicrafts Development Corporation की एमडी भी हैं. डी रूपा को अपने का काम के लिए राष्ट्रपति पुलिस मेडल भी मिल चुका है.

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