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अंतरिक्ष में ऑक्‍सीजन बनाएगी आर्टीफीशियल पत्ती

अंतरिक्ष यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को ऑक्सीजन की आपूर्ति जल्द ही मानव निर्मित पत्तियों से होगी. दुनिया की पहली कृत्रिम जैविक पत्ती का विकास हो चुका है, जो पानी और कार्बन डाईऑक्साइड का अवशोषण कर ऑक्सीजन पैदा करने में सक्षम है.

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अंतरिक्ष यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को ऑक्सीजन की आपूर्ति जल्द ही मानव निर्मित पत्तियों से होगी. दुनिया की पहली कृत्रिम जैविक पत्ती का विकास हो चुका है, जो पानी और कार्बन डाईऑक्साइड का अवशोषण कर ऑक्सीजन पैदा करने में सक्षम है.

इस पत्ती का विकास करने वाले ब्रिटेन के रॉयल कॉलेज ऑफ आर्ट के जूलियन मेलकियोरी ने कहा, ‘इस खोज से लंबी दूरी की अंतरिक्ष यात्रा में सहूलियत होगी. साथ ही अंतरिक्ष में इंसान के बसने में भी यह मदद कर सकता है. क्योंकि शून्य गुरुत्वाकर्षण में पौधे नहीं उगाए जा सकते.’

मीडिया ने मेलकियोरी के हवाले से कहा, ‘लंबी दूरी की अंतरिक्ष यात्रा के दौरान जिंदा रहने के लिए विभिन्न विधियों से ऑक्सीजन पैदा करने के लिए नासा लगातार शोध कर रहा है.’

मेलकियोरी की रेशम पत्ती परियोजना का विकास रॉयल कॉलेज ऑफ ऑर्ट्स इनोवेशन डिजाइन इंजीनियरिंग कोर्स और टफ्ट्स यूनिवर्सिटी ऑफ सिल्क लैब से हुआ है. परियोजना के तहत क्लोरोप्लास्ट को रेशम के प्रोटीन में रखा जाता है. ‘पदार्थ को सीधे रेशम के तंतुओं से अलग किया गया है, जिसमें अणुओं के स्थिरीकरण का गजब का गुण है.’

मेलकियोरी ने कहा, ‘मैंने पौधे की कोशिका से क्लोरोप्लास्ट को अलग किया और उसे इस रेशम के प्रोटीन के अंदर रख दिया. परिणामस्वरूप हमने प्रकाश संश्लेषण करने वाली रेशम पत्ती का विकास कर लिया.’

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