कर्नाटक में फिर से शुरू हुए सत्ता के नाटक में रविवार को उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब इसके सूत्रधार पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की तारीफ कर डाली, वहीं भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को जमकर कोसने का काम किया.
रविवार के दिन येदियुरप्पा कर्नाटक में अपना कुनबा मजबूत करने में जुटे रहे, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से मिलकर कुर्सी बचाने के प्रयासों में लगे रहे.
सूत्रों के मुताबिक येदियुरप्पा सदानंद गौड़ा को मुख्यमंत्री पद से हटाने पर अड़े हैं और खुद को मुख्यमंत्री के तौर पर फिर से स्थापित किए जाने को जोर लगा रहे हैं. वहीं दूसरी ओर केंद्रीय नेतृत्व ने येदियुरप्पा को स्पष्ट संकेत दिए हैं कि किसी भी सूरत में उन्हें फिर मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा वह भी तब तक, जब तक कि उनके ऊपर लगे आरोप गलत नहीं साबित हो जाते.
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि येदियुरप्पा को फिर से मुख्यमंत्री बनाए जाने से भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घिरी केंद्र सरकार को और घेरने की पार्टी की रणनीति डगमगा जाएगी और उसे इसका खमियाजा भुगतना पड़ सकता है. कर्नाटक इकाई में यदि फूट की स्थिति पैदा होती है तो इस सूरत में पार्टी वहां नेतृत्व परिवर्तन पर विचार कर सकती है लेकिन इसमें भी येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा. ऐसी स्थिति में किसी तटस्थ व्यक्ति के हाथों में मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपी जा सकती है.
उधर, येदियुरप्पा की पूरी कोशिश है कि पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री बनाए. उनके एक करीबी ने बेंगलुरू में बताया कि और ऐसा न होने की स्थिति में उन्होंने दूसरे विकल्प के रूप में अपने करीबी शोभा करांदलजे को आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई है.
इससे पहले, येदियुरप्पा ने रविवार को मुख्यमंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा को 'धोखेबाज' कहा और उनकी तुलना शास्त्रों में वर्णित शैतान से की. साथ ही सोनिया गांधी की प्रशंसा भी की.
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा येदियुरप्पा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने के आदेश के कारण मुख्यमंत्री पद दोबारा पाने की उनकी कोशिशों को झटका लगा है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी की प्रशंसा और अपने पार्टी के नेतृत्व की आलोचना की.
उन्होंने कहा, 'कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी में एक महान गुण है. वह अपने पार्टी नेताओं के खिलाफ कोई आरोप लगने पर उनका बचाव करती हैं. लेकिन हमारी पार्टी के नेता बचाव नहीं करते हैं.'
येदियुरप्पा ने पहली बार सीधे तौर पर सदानंद गौड़ा पर हमला बोलते हुए कहा, 'एक धोखेबाज ने वादा पूरा नहीं किया और उपदेश दे रहा है. यह शास्त्रों में वर्णित शैतान की तरह है.'
मुख्यमंत्री ने शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान येदियुरप्पा की आलोचना की थी. उन्होंने कहा, 'पहले लोग जनता की भलाई के लिए सत्ता में आते थे. लेकिन इन दिनों लोग सत्ता में गलत काम करने के लिए आते हैं.'
भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरने के बाद येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सदानंद गौड़ा को अपना उत्तराधिकारी चुना था. येदियुरप्पा ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के समक्ष शक्ति प्रदर्शन के लिए शनिवार को कम से कम सात मंत्रियों का इस्तीफा अपने पास मंगा लिया था.
उन्होंने रविवार को कहा, 'कई मंत्रियों ने मुझे इस्तीफा सौंप दिया है. वे नाराज हैं क्योंकि मुख्यमंत्री उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगा रहे हैं. मैं उनके इस्तीफे पर सही समय पर निर्णय लूंगा.'
इस बीच दिल्ली पहुंचे सदानंद गौड़ा ने अपनी सरकार बचाने के लिए पार्टी के केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की और वस्तुस्थिति पर चर्चा की. गौड़ा ने पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली से भी चर्चा की.
येदियुरप्पा द्वारा उन्हें 'धोखेबाज' कहे जाने और उनकी तुलना शास्त्रों में वर्णित शैतान से किए जाने के सवाल पर गौड़ा ने प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया.
गौड़ा ने येदियुरप्पा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की प्रशंसा किए जाने को भी तवज्जो नहीं दी. गौड़ा ने पत्रकारों से कहा, 'मुझे नहीं लगता कि येदियुरप्पा ने सोनिया गांधी की प्रशंसा की.'