राष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा ने कहा है कि उनके पिता अपने अनुभव और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से अपने अच्छे सम्पर्को के चलते देश के राष्ट्रपति पद को एक नया आयाम देंगे.
एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि वह जिस भी पद पर गए, उसके साथ उन्होंने न्याय किया. उन्होंने जो कुछ भी किया है, उसमें अपने कर्तव्य और जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए अपनी योग्यता का सौ प्रतिशत दिया है. मुझे पूरा यकीन है कि वह देश के राष्ट्रपति पद को नया आयाम देंगे.
शर्मिष्ठा ने कहा कि मेरे ख्याल से उन्होंने इन सालों में पार्टी से ऊपर उठकर अपने सम्पर्क को बहुत बेहतर तरीके से बढ़ाया है. विपक्षी चाहे जो भी कहें, लेकिन निजी तौर पर सभी उन्हें बहुत सम्मान देते हैं.
राष्ट्रपति चुनाव के लिए डाले गए वोटों की गिनती रविवार सुबह 11 बजे शुरू हो गई है और परिणाम की घोषणा अपराह्न् चार बजे होने की सम्भावना है. कांग्रेस नेतृत्व वाला संप्रग, बड़ी राजनीतिक पार्टियों से मिले समर्थन की वजह से प्रणब मुखर्जी के बड़े अंतर से जीत को लेकर आश्वस्त नजर है.
एक सवाल के जवाब में प्रसिद्ध कत्थक नृत्यांगना शर्मिष्ठा ने बताया कि मैं समझती हूं कि 25 जुलाई तक कोई समारोह नहीं होगा. जब वह औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लेंगे हम निश्चित तौर पर जश्न मनाएंगे. परिवार के सभी सदस्य एकत्र होंगे और वही जश्न का वास्तविक समय होगा.
यह पूछे जाने पर कि क्या मुखर्जी राष्ट्रपति बनने के बाद भी दुर्गा पूजा करेंगे या पूजा राष्ट्रपति भवन में की जाएगी, शर्मिष्ठा ने कहा कि ऐसा नहीं है, वह धर्मनिरिपेक्ष भारत के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि पूजा पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में मिराती गांव स्थित मुखर्जी के पैतृक घर में ही होगी.
यह पूछे जाने पर कि क्या मुखर्जी की पत्नी सुवरा देश की प्रथम महिला के रूप में सक्रिय भूमिका निभाएंगी, शर्मिष्ठा ने कहा कि उनकी मां का स्वास्थ्य पिछले काफी समय से ठीक नहीं है और ऐसे में सम्भव है कि वह राष्ट्रपति की पत्नी के रूप में सक्रिय भूमिका का निर्वाह न कर पाएं.