ईडन गार्डन्स के बादशाह वीवीएस लक्ष्मण और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के शतक से विशाल स्कोर खड़ा करने वाले भारत ने मंगलवार को यहां वेस्टइंडीज को शुरूआती झटके देकर दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में दूसरे दिन भी अपना पलड़ा भारी रखा.
लक्ष्मण ने अपने पसंदीदा मैदानों में शुमार ईडन गार्डन्स पर नाबाद 176 जबकि धोनी ने 144 रन की पारी खेली जिसकी बदौलत भारत ने सात विकेट पर 631 रन पर पहली पारी घोषित की. इन दोनों ने सातवें विकेट के लिये 224 रन की साझेदारी की. लक्ष्मण ने 280 गेंद की अपनी पारी में 12 चौके जड़े जबकि धोनी ने सिर्फ 175 गेंद का सामना करते हुए 10 चौके और पांच छक्के उड़ाये. इससे पहले राहुल द्रविड़ ने भी 119 रन की पारी खेली थी.
वेस्टइंडीज ने इसके जवाब में खराब रोशनी के कारण खेल जल्द समाप्त किये जाने तक सलामी बल्लेबाजों एड्रियन बराथ (01) और क्रेग ब्रेथवेट (17) के विकेट गंवाकर 34 रन बनाये. दिन का खेल खत्म होने पर किर्क एडवर्डस 12 जबकि डेरेन ब्रावो चार रन बनाकर खेल रहे थे. वेस्टइंडीज को फालोआन टालने के लिए अब भी 398 रन की जरूरत है जबकि उसके आठ विकेट शेष हैं. भारत नई दिल्ली में पहले टेस्ट में पांच विकेट की जीत के साथ तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 से आगे चल रहा है.
वेस्टइंडीज की शुरूआत काफी खराब रही और उसने दूसरे ओवर में ही बराथ का विकेट गंवा दिया जो उमेश यादव की उछाल लेती गेंद से छेड़छाड़ की कोशिश में स्लिप में वीरेंद्र सहवाग को कैच दे बैठे. यादव को इसके बाद कप्तान धोनी ने दूसरा ओवर फेंकने का मौका नहीं दिया और दोनों छोर से स्पिनरों प्रज्ञान ओझा और आर अश्विन को गेंदबाजी की जिम्मेदारी सौंप दी.
ब्रेथवेट ने अश्विन पर लगातार दो चौके जड़े लेकिन इसी ओवर में स्थानापन्न खिलाड़ी विराट कोहली ने शार्ट लेग पर उनका आसान कैच टपका दिया. यह बल्लेबाज हालांकि इसका फायदा नहीं उठा पाया और अश्विन की गेंद पर ही शार्ट लेग पर गौतम गंभीर को कैच देकर पवेलियन लौटा. अंपायर का यह फैसला हालांकि कुछ संदिग्ध रहा क्योंकि टीवी रीप्ले में गेंद के बल्ले से छूने की पुष्टि नहीं हो रही थी. इससे पहले धोनी के 21 महीनों में पहले टेस्ट शतक और लक्ष्मण के कैरियर के 17वें टेस्ट शतक की मदद से भारत ने विशाल स्कोर खड़ा किया.
धोनी हालांकि 13 और 16 रन के निजी स्कोर पर भाग्यशाली रहे जब केमार रोच की गेंद पर दो बार विकेटकीपर कार्लटन बा ने उनका कैच लपका लेकिन दोनों बार गेंद नोबाल हो गई. वह हालांकि चाय के विश्राम के बाद रोच की गेंद पर ही बा को कैच दे बैठे. धोनी ने इसके कुछ देर बाद ही खराब रोशनी की अशंका को भांपते हुए पारी समाप्ति की घोषणा कर दी जबकि लक्ष्मण दोहरे शतक के करीब थे. कप्तान का यह फैसला हालांकि सही साबित हुआ और वेस्टइंडीज ने 12 ओवर में खेल के दौरान अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिये.
वेस्टइंडीज के लिए सिर्फ एक स्पिनर देवेंद्र बीशू के साथ उतरने का फैसला नुकसानदेह रहा क्योंकि कामचलाउ स्पिनर ब्रेथवेट और मार्लन सैमुअल्स भारतीय बल्लेबाजों पर कोई असर नहीं छोड़ पाये. धोनी ने ब्रेथवेट को निशाना बनाया और उनके एक ओवर में दो छक्कों और एक चौके सहित 19 रन बटोरे. सुबह खराब रोशनी के कारण लंच जल्दी लिये जाने के कारण चाय का सत्र लंबा रहा जिसमें वेस्टइंडीज ने 41 ओवर में 180 रन खर्च किये जबकि इस दौरान लक्ष्मण और धोनी ने मेहमान टीम को कोई सफलता हासिल नहीं करने दी.
धोनी ने ब्रेथवेट की गेंद की फुलटास को लांग आफ पर खेलकर अपने कैरियर का पांचवां शतक पूरा किया. भारतीय कप्तान ने अपना पिछला टेस्ट शतक ईडन गार्डन्स पर ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फरवरी 2010 में बनाया था जिसके बाद उन्होंने 32 पारियों में सात अर्धशतक बनाये. इससे पहले सुबह पांच विकेट पर 346 रन से आगे खेलने उतरे भारत ने सकारात्मक शुरूआत की. युवराज ने अपनी पहली ही गेंद को प्वाइंट क्षेत्र से चार रन के लिए भेजा.
तेज गेंदबाजों केमार रोच और फिडेल एडवर्डस ने लक्ष्मण को परेशान किया. यह बल्लेबाज जब 79 रन बनाकर खेल रहा था तब रोच की गेंद लक्ष्मण के बल्ले का किनारा लेकर विकेटों से कुछ दूर से निकलकर बाउंड्री तक चली गई. युवराज के खिलाफ एडवर्डस की पगबाधा की विश्वनीय अपील को अंपायर ने ठुकरा दिया लेकिन बायें हाथ का यह बल्लेबाज इसका फायदा नहीं उठाया पाया और वेस्टइंडीज के कप्तान डेरेन सैमी की गेंद पर पगबाधा हो गया. उन्होंने 35 गेंद की अपनी पारी में पांच चौके जड़े.
लक्ष्मण ने इसके बाद 157 गेंद में नौ चौकों की मदद से ईडन पर अपना पांचवां शतक पूरा किया. उन्होंने अपने 17वें टेस्ट शतक के दौरान इस मैदान पर पांच शतक के मोहम्मद अजहरूद्दीन के रिकार्ड की बराबरी भी की. उन्होंने ईडन पर 100 से अधिक की औसत से रन बनाये हैं. वेस्टइंडीज की ओर से चार गेंदबाजों बीशू (154), कप्तान सैमी (132 रन), रोच (106) और मार्लन सैमुअल्स (104) ने 100 से अधिक रन खर्च किये. सैमी और रोच ने दो.दो विकेट चटकाये जबकि बीशू के खाते में एक विकेट आया.