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सरकार किश्‍तों में बढ़ा रही है महंगाई

सरकार ने तय कर लिया है कि किश्तों में लाएगी महंगाई और किश्त-किश्त निकलेगा आपका दम. चीनी, दाल और सब्जियों की महंगाई से आप जूझ ही रहे थे सोमवार आधीरात से पेट्रोल फिर महंगा हो गया.

सरकार ने तय कर लिया है कि किश्तों में लाएगी महंगाई और किश्त-किश्त निकलेगा आपका दम. चीनी, दाल और सब्जियों की महंगाई से आप जूझ ही रहे थे सोमवार आधीरात से पेट्रोल फिर महंगा हो गया. सोमवार आधी रात से हर लीटर पेट्रोल पर टैक्स के साथ 70 से 91 पैसे ज्यादा देने पड़े रहे हैं.

सरकार जनता को मारने का मन बना ही चुकी है तो एक बार क्यों नहीं मार देती हैं. किश्तों में क्यों जनता की जान ले रही है सरकार? आधी रात से पेट्रोल 70 पैसे महंगा हो गया है. इस पर राज्य सरकारों की ओर से टैक्स लगा सो अलग. यानी अलग अलग राज्यों में कुल बढ़ोतरी 70 से 91 पैसे तक की.

नई दरों के मुताबिक पेट्रोल की कीमत अब दिल्ली में 67 रुपए 78 पैसे से बढ़ कर 68 रुपए 48 पैसे हो गई है. तो मुंबई में 73 रुपए 35 पैसे से बढ़ कर 74 रुपए 23 पैसे. कोलकाता में 72 रुपए 74 पैसे से बढ़ कर 73 रुपए 61 पैसे, नोएडा में 72 रुपए 61 पैसे से बढ़ कर 73 रुपए 31 पैसे, गाजियाबाद में 72 रुपए 52 पैसे से बढ़ कर 73 रुपए 22 पैसे, चंडीगढ़ में 69 रुपए 15 पैसे से बढ़ कर 69 रुपए 85 पैसे, हैदराबाद में 74 रुपए 89 पैसे बढ़ कर 75 रुपए 80 पैसे, बैंगलोर में पेट्रोल की कीमत 76 रुपए 39 पैसे से बढ़ कर 77 रुपए 30 पैसे हो गई है.

इससे पहले 24 मई को तेल की कीमतों में करीब साढ़े सात रुपए का इजाफा किया गया था. फिर जब हंगामा हुआ तो सरकार ने तीन किश्तों में पेट्रोल की कीमत 5 रुपए तक घटा दिए. जाहिर है सरकार ज्यादा बढ़ाती है फिर थोड़ा थोड़ा घटा कर लोगों का गुस्सा शांत करती है. लेकिन पेट्रोल की कीमतों के इस उतार चढ़ाव का खेल अब आम आदमी से अछूता नहीं.

महंगाई की फिर मार पड़ी तो सहयोगियों ने भी सरकार को घेरा. टीएमसी नेता ममता बनर्जी ने बढ़ी हुई कीमत वापस लेने की मांग की है. उधर विपक्ष को पेट्रोल की कीमतों के पीछे सियासत नजर आ रही है. महंगाई की मार से जनता कराह रही है क्योंकि ये मार एक तरफा नहीं बल्कि चौतरफा है.

पिछले एक हफ्ते में दाल, चीनी और सब्जी के दाम और बढ़ गए हैं. ऐसे में सरकार की तरफ से राहत के झुनझुने का एलान हुआ है. कहा गया है कि बढ़ी महंगाई से सरकार चिंतित है, सरकार दालों पर सब्सिडी पर विचार करेगी. केबिनेट कमिटी के पास राशन की दुकानों में सस्ती दाल बेचने का प्रस्ताव भेजा जाएगा.

प्रधानमंत्री कार्लालय से जारी इस बयान पर आप खुश हो रहे हैं तो सवाधान, ये भी सरकार के घ़ड़ियाली आंसू ही हैं. सस्ती दाल सिर्फ गरीबी रेखा के नीचे रह रहे लोगों को ही मिलेगी.

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