सुलझ गया टीम इंडिया का गंभीर संकट. एक ऐसा संकट जो मैच से पहले कप्तान धोनी के लिए सिरदर्द बना हुआ था, लेकिन अब ये संकट सुलझ गया है, संकट था टीम इंडिया की रोटेशन पॉलिसी को लेकर.
लगातार दो मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले गौतम गंभीर को आस्ट्रेलिया के खिलाफ बाहर बैठना था, धोनी की चिंता भी इस बात को लेकर थी, कि जो खिलाड़ी फार्म में हैं, उसे टीम से बाहर कैसे बैठाया जाए, लेकिन सहवाग के चोट की वजह से ना खेलने के फैसले ने ये संकट सुलझा दिया.
अब रविवार के मैच में सहवाग टीम से बाहर बैठेंगे, जबकि गंभीर और सचिन पारी की शुरूआत करेंगे. हालांकि शनिवार को सहवाग ने हल्की प्रैक्टिस जरूर की, लेकिन उनका बाहर बैठना तय माना जा रहा है, इसके अलावा टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने भी ब्रिसबेन की उछालभरी पिच पर जमकर अभ्यास किया.
हर तरफ धोनी की जयजयकार हो रही है लेकिन ट्राई सीरीज़ के अगले मैच से पहले धोनी का दिल और दिमाग जल रहा था, क्योंकि धोनी भारी टेंशन में थे. जानते हैं कप्तान की सरदर्दी किसने बढ़ाई थी? सचिन, सहवाग और गंभीर ने बढ़ाई थी धोनी की टेंशन. धोनी अजीब सी उधेडबुन में थे कि इन तीनों में से किसे बेंच पर बैठायें.
एडिलेड में मैच के बाद यूं तो उन्होंने कह दिया था कि गौतम को बैठा सकते हैं बाहर. और अब जब बाहर बैठाने की बारी आई तो धोनी फंस गये धोनी. पिछले दो मैचों में गंभीर ने 92 और 91 रन का स्कोर खड़ा किया. गंभीर को बाहर बैठाना जीत की रणनीति को गड़बड़ा सकता था.
सचिन को कैसे बैठाते बाहर?
कप्तान सचिन को बाहर बैठाते भी तो कैसे, क्या कहकर बेंच पर बैठने के बाद सचिन सिर्फ एक मैच खेले हैं फिर दूसरे मैच में उनके कद के बल्लेबाज़ को बाहर बैठाना कोई विकल्प था ही नहीं.
वीरू की चोट ने खत्म की उलझन
रोटेशन पॉलिसी के तहत वीरू को इलेवन में आना था, लेकिन वीरू अपनी पीठ की परेशानी से उबर नहीं पाए और धोनी का सिरदर्द भी इस खबर के साथ खत्म हो गया. यानी अब सचिन और गंभीर ही भारतीय पारी की शुरूआत करते नज़र आएंगे.