केन्द्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने टीम अन्ना पर निशाना साधते हुए कहा कि वे उन मुद्दों को उठा रहे हैं जिन्हें उच्चतम न्यायालय खारिज कर चुका है और अगर उन्हें उसपर भी विश्वास नहीं है तो वे संयुक्त राष्ट्र से संपर्क कर सकते हैं.
कानून मंत्री ने कहा, ‘उन्हें संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखना चाहिए. भारत में उच्चतम न्यायालय से अधिक स्वतंत्र क्या हो सकता है. वे ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच चाहते हैं जिन्हें उच्चतम न्यायालय खारिज और नामंजूर कर चुका है.’ टीम अन्ना उन 15 केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ स्वतंत्र जांच गठित करने की मांग कर रही हैं जिनके खिलाफ उन्होंने कुछ आरोप लगाए हैं. सरकार मांग को पहले ही खारिज कर चुकी है.
टीम अन्ना ने मजबूत लोकपाल के गठन और केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच के लिए विशेष दल के गठन की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की. टीम अन्ना पार्टी प्रमुखों और सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामलों की त्वरित जांच फास्ट ट्रैक अदालत से कराने की भी मांग कर रही है.
टीम के इस आरोप को खारिज करते हुए कि लोकपाल विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार गंभीर नहीं है, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि प्रस्तावित कानून की समीक्षा संसद की प्रवर समिति कर रही है.
उन्होंने कहा, ‘विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है. इसे राज्यसभा में लाया गया है जो आवश्यक है. 185 से ज्यादा संशोधन हैं. इस पर काफी बहस हो चुकी है. इसे पारित नहीं किया जा सका.