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डे हत्याकांड: महिला पत्रकार के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल

अंग्रेजी दैनिक 'मिड-डे' के सम्पादक (विशेष खोज) ज्योतिर्मय डे की पिछले साल जून में हुई हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार महिला पत्रकार जिग्ना वोरा के खिलाफ मुम्बई पुलिस ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) की अदालत में मंगलवार को आरोप-पत्र दाखिल किया.

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ज्योतिर्मय डे
ज्योतिर्मय डे

अंग्रेजी दैनिक 'मिड-डे' के सम्पादक (विशेष खोज) ज्योतिर्मय डे की पिछले साल जून में हुई हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार महिला पत्रकार जिग्ना वोरा के खिलाफ मुम्बई पुलिस ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) की अदालत में मंगलवार को आरोप-पत्र दाखिल किया. साथ ही यह भी कहा कि दोनों पत्रकारों के बीच पेशेवर प्रतिद्वंद्विता के कारण ही डे की जान गई.

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (अपराध शाखा) देवेंद्र भारती ने बताया, 'हमने मकोका की अदालत में वोरा के खिलाफ अनुपूरक आरोप-पत्र दाखिल किया. उसके खिलाफ मामला बनाने के लिए हमने पर्याप्त सबूत सूचीबद्ध किए हैं.' भारती ने बताया कि आरोप-पत्र 1,400 पृष्ठों का है और इसमें उन सभी सबूतों को शामिल किया गया है, जिसे अपराध शाखा ने जुटाए हैं.

पिछले वर्ष 11 जून को मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने घर लौटते वक्त मुम्बई के पवई इलाके में डे की गोली मारकर हत्या कर दी थी. वोरा को इस सिलसिले में पिछले साल 25 नवम्बर को गिरफ्तार किया गया था. वह मुम्बई के एक दैनिक समाचार पत्र में उप ब्यूरो प्रमुख के तौर पर कार्यरत थी.

आरोप है कि उसने ही डे का मोबाइल नंबर और उनके आवास का पता फरार माफिया डॉन राजन को मुहैया कराया था. मुम्बई पुलिस ने पिछले वर्ष दिसम्बर में भी इस मामले में 12 आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था, लेकिन उसमें वोरा का नाम नहीं था.

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मकोका की विशेष अदालत में दाखिल 3,055 पृष्ठों के आरोप-पत्र में डे की हत्या में शामिल 10 लोगों की भूमिका का विस्तृत ब्यौरा दिया गया था, जिसमें भगोड़ा डॉन छोटा राजन का नाम भी दर्ज है.

राजन तथा इस मामले के एक अन्य आरोपी नयन सिंह अब भी फरार हैं. अपराध शाखा के सूत्रों के अनुसार, पुलिस के पास इसके पक्ष में पर्याप्त तर्क हैं कि डे और वोरा के बीच पेशेवर प्रतिद्वंद्विता के कारण ही उनकी हत्या हुई.

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