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भारतीय सिक्‍कों की बदलने वाली है सूरत

अब रुपए के आकर्षक चिन्ह के साथ सिक्के बाजार में आ रहे हैं. वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी इन नए सिक्कों की पहली खेप जारी करेंगे. जिसमें 50 पैसे से लेकर 10 रुपए तक के सिक्के होंगे.

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आकर्षक चिन्ह के साथ सिक्के
आकर्षक चिन्ह के साथ सिक्के

अब रुपए के आकर्षक चिन्ह के साथ सिक्के बाजार में आ रहे हैं. वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी इन नए सिक्कों की पहली खेप जारी करेंगे. जिसमें 50 पैसे से लेकर 10 रुपए तक के सिक्के होंगे.

कहते हैं पैसा बोलता है और सिक्का चलता है. लेकिन जब वक्त बदल रहा है तो सिक्का क्यों ना बदले. तभी तो हमारे देश में चलनेवाले सिक्के पहली बार अपनी एक नई पहचान और नए रूप रंग-रंग के साथ बाजार में आ रहे हैं. वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी चांदी जैसी चमक और सोने से सुनहरे सिक्कों की पहली खेप जारी करने जा रहे हैं.

इन सिक्कों की खासियत ये है कि इनमें रुपए का अंतरराष्ट्रीय चिन्ह भी होगा. पहली खेप में ये सिक्के 50 पैसे, 1, 2, 5 और 10 रुपए के जारी होंगे. भारतीय रिजर्व बैंक हर महीने 8 करोड़ के सिक्के जारी करेगा. जिसमें ज्यादा हिस्सा 50 पैसे और 10 रुपए के सिक्कों का होगा.

सिर्फ सिक्के ही अपनी नई चमक और खनक नहीं बिखेरेंगे. 10 रुपए का नोट भी रुपए के चिन्ह के साथ सज-धज कर बाजार में उतरेगा. इंग्लैंड के बाद भारत दूसरा देश होगा जिसके नोट पर उसकी मुद्रा का चिन्ह होगा.

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भारतीय सिक्कों ने आजादी के बाद से कई बार अपने चेहरे बदले. सबसे पहले फ्रोजेन सीरीज जारी हुई जिसमें 1 रुपये का सिक्का सोलह आने के बराबर होता था. ये सीरीज 1947 से 1950 तक चली. फिर आया आना सीरीज जिसमें 1 रुपया दो आना, एक आना के सिक्कों का चलन हुआ. ये दौर करीब सात चाल चला जिसमें सिक्के निकेल और कॉपर के बने होते थे.

इसके बाद फिर सिक्कों ने तलाशा अपना नया चेहरा जो 'नया पैसा' सीरीज था जिसमें 1 रुपया, 50 पैसे और 25 पैसे के अलावा एक नया, दो नया, पांच नया और दस नया सिक्के पहली बार गोल आकार में बाजार में आए. उसके बाद 1964 में अल्यूमिनियम सीरीज बाजार में उतरा. जिसमें ज्यादातर एक, दो, तीन, पांच, दस और पच्चीस पैसे के सिक्के थे.

फिर जमाना बदला और सिक्के एक नए रूप में ढल गए और जमाने की दौड़ में शामिल होने के लिए पहली बार 5 रुपये के सिक्के बाजार में उतारे गए. ये समकालीन सिक्कों का दौर था जिसमें पैसे के सिक्कों की जगह धीरे धीरे रुपए के सिक्कों ने ले लिया. अब तो बाजार में 10 रुपए के सिक्के भी प्रचलन में हैं. भारतीय रिजर्व बैंक जल्द ही बाजार में प्लास्टिक नोट भी लाने की तैयारी कर रहा है जिससे नोटों के कटने-फटने की समस्या से छुटकारा मिल सके.

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