बंबई उच्च न्यायालय ने शेयर ब्रोकर स्वर्गीय हर्षद मेहता की संपत्ति के संरक्षक को आयकर विभाग का 1,995.66 करोड़ रुपये बकाया अदा करने का निर्देश दिया है. उच्चतम न्यायालय हर्षद मेहता समूह के कोष वितरण के बारे में पहले ही अंतरिम आदेश जारी कर चुका है.
आयकर विभाग ने 1991-92 में बिग बुर्लं द्वारा किए गए प्रतिभूति घोटाले के मामले में पहले दस माह के बकाये के भुगतान का आदेश देने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी. विशेष अदालत की अगुवाई कर रहे न्यायमूर्ति डी के देशमुख ने शुक्रवार को जारी अपने आदेश में एचएमजी के कोष से आयकर विभाग के बकाये का भुगतान करने का आदेश दिया.
इससे पहले हर्षद मेहता परिवार के सदस्यों ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर कोष को संरक्षक के अधीन रखने के पैसले को चुनौती दी थी. उनका कहना था कि इसमें से कुछ संपत्तियां उनके निजी नाम से है और वह एचएमजी का हिस्सा नहीं हैं.
उच्चतम न्यायालय ने अपने अंतरिम आदेश में संरक्षक के पास रखे गए कोष से बकाये का भुगतान करने का आदेश दिया था. शीर्ष अदालत ने हालांकि कहा था कि यदि यह आदेश पलट जाता है, तो राशि वापस लौटानी होगी.
आयकर विभाग के अलावा उच्च न्यायालय ने कैनबैंक पाइनेंशियल सर्विसेज को 25 करोड़ रुपये और भारतीय स्टेट बैंक को 200 करोड़ रुपये का भुगतान करने का भी निर्देश दिया है.