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मेरा काम युवाओं की नब्ज समझना है: चेतन भगत

खासतौर पर युवा वर्ग पर केंद्रित अपने उपन्यासों में प्यार, कॉल सेंटरों की जिंदगी और उच्च शिक्षा जैसे विषयों पर लिखने वाले चेतन भगत के अनुसार युवाओं की नब्ज को पहचानने की क्षमता से ही बेस्टसेलर उपन्यास लिखा जा सकता है.

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खासतौर पर युवा वर्ग पर केंद्रित अपने उपन्यासों में प्यार, कॉल सेंटरों की जिंदगी और उच्च शिक्षा जैसे विषयों पर लिखने वाले चेतन भगत के अनुसार युवाओं की नब्ज को पहचानने की क्षमता से ही बेस्टसेलर उपन्यास लिखा जा सकता है.

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भगत की पांचवीं पुस्तक ‘रिवोल्यूशन 2020‘ का विमोचन शनिवार शाम किया गया. जिसमें ‘प्यार’ के जरिये भारत के कुछ ऐसे संस्थानों में भ्रष्टाचार से निपटने की कहानी बयां की गयी है जो कम प्रसिद्ध हैं.

बैंकिंग क्षेत्र की नौकरी छोड़कर लेखन में आये चेतन ने कहा, ‘युवा जो महसूस कर रहे हैं, उसे समझना मेरी जिम्मेदारी है.’
उनके मुताबिक किताब एक विशेष किस्म की प्रेम कहानी है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अन्ना हजारे के आंदोलन समेत दुनिया भर में हुए विरोध प्रदर्शनों से उठी लहरों से प्रभावित नहीं है.

चेतन ने कहा, ‘मैंने दो साल पहले इस किताब को लिखना शुरू किया और थोड़ा नरवस भी था क्योंकि सोचता था कि वाराणसी जैसे छोटे शहर को आधार बनाकर कहानी लिखना पाठकों को लुभाएगा या नहीं. उसके बाद ही मिस्र का घटनाक्रम और अन्ना हजारे का आंदोलन हुआ और मुझे लगा कि मेरा थीम का चुनाव ठीक था.’

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आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र 37 वर्षीय चेतन ने हाल ही में ट्वीटर पर टिप्पणी कर इंफोसिस के अध्यक्ष एन आर नारायणमूर्ति के उस बयान की निंदा की थी जिसमें उन्होंने आईआईटी से निकले इंजीनियरों की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा किया था.

उन्होंने कहा, ‘मैं अपने ट्वीट संदेशों में हमेशा थोड़ा मुखर रहा हूं. मैंने अपने कॉलेज के बारे में उनकी टिप्पणी को हल्के में नहीं लिया और इसलिए इस बारे में ट्वीट किया. लेकिन बाद में मैंने मेरे ट्वीट के लिए माफी मांग ली.’ चेतन का कहना है कि उनका इरादा अपनी नयी किताब को बेचने के लिए विवाद पैदा करने का नहीं था.

उन्होंने कहा, ‘मुझे अपनी किताबें बेचने के लिए विवाद की जरूरत नहीं है. विवाद पैदा करना काफी आसान है और मैं आसानी से यह कर सकता हूं क्योंकि मैं एक अखबार में स्तंभ लिखता हूं. हालांकि मैं ऐसा नहीं चाहता.’
इससे पहले चेतन भगत ‘फाइव प्वाइंट समवन’ (2004), ‘वन नाइट एट कॉल सेंटर’ (2005), ‘3 मिस्टेक्स ऑफ माई लाइफ’ (2008) और ‘2 स्टेट्स’ (2009) लिख चुके हैं. उनकी दो किताबों पर फिल्में भी बनाई गयी हैं.

उन्होंने कहा कि वह सामाजिक और विकास के मुद्दों पर लिखेंगे.

चेतन के अनुसार, ‘मैं कश्मीर के बारे में लिखना चाहता हूं. उसी तरह पूर्वोत्तर के बारे में लिखना चाहता हूं. लेकिन उससे पहले मुझे इन विषयों को गहराई से समझना होगा.’ उन्होंने कहा कि उनका मजबूती से मानना है कि अगर जनता और खासतौर पर युवा मान लें कि वे भ्रष्टाचार को खत्म कर सकते हैं तो ऐसा संभव है.

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किताब के प्रकाशक रूपा एंड कंपनी के प्रबंध संपादक कपीश मेहता ने कहा, ‘भारत में बेस्टसेलर किताब के लिए आपको कम से कम 10,000 प्रतियां बेचनी होती हैं. चेतन के लिए शुरूआती दिनों में ही ‘रिवॉल्यूशन 2020’ की 50 हजार प्रतियां बिक गयीं. देश में किसी भाषा की किसी किताब के लिए ऐसा नहीं हुआ. यह एक रिकार्ड है.’ उनके मुताबिक किताब के आने से पहले ही पुरानी किताबों के मुकाबले दोगुने आर्डर आ चुके हैं.

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