सब्जी, खाद्य तेल तथा दूध की कीमतों में उछाल से खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल महीने में बढ़कर 10.32 प्रतिशत हो गयी. शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित संशोधित मुद्रास्फीति मार्च महीने में 9.38 प्रतिशत थी.
अस्थायी आंकड़ों में इसके 9.47 प्रतिशत रहने की बात कही गयी थी. अप्रैल महीने सब्जी की कीमत में सालाना आधार पर सर्वाधिक 24.55 प्रतिशत की वृद्धि हुई वहीं खाद्य तेलों में 17.63 प्रतिशत तथा दूध उत्पादों में 14.94 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. आलोच्य महीने में अंडा, मछली तथा मांस की कीमत 9.95 प्रतिशत बढ़ी जबकि गैर-अल्कोहल पेय पदाथरें की कीमत में 9.52 प्रतिशत का इजाफा हुआ.
अन्य जिंसों में अनाज तथा उससे संबद्ध उत्पादों के दाम में अप्रैल महीने में सालाना आधार पर 3.94 प्रतिशत की वृद्धि हुई. आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2011 के मुकाबले वर्ष 2012 के इसी महीने में चीनी के भाव में 4.32 प्रतिशत तथा दाल के मूल्य में 6.03 प्रतिशत का इजाफा हुआ.
ईंधन तथा लाइट और कपड़ा बेडिंग तथा जूता-चप्पलों की कीमतों में भी वृद्धि दोहरे अंक में रही. ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में मुद्रास्फीति अप्रैल महीने में क्रमश 9.86 प्रतिशत तथा 11.10 प्रतिशत रही. संशोधित आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण तथा शहरी इलाकों के लिये मुद्रास्फीति दर मार्च महीने में क्रमश: 8.70 प्रतिशत तथा 10.30 प्रतिशत रही.
श्रम मंत्रालय द्वारा तैयार अखिल भारतीय सीपीआई में तीन खुदरा मूल्य सूचकांक (कृषि श्रमिकों, ग्रामीण श्रमिकों तथा औद्योगिक कर्मचारियों) शामिल होते हैं. इधर, थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति अप्रैल महीने में बढ़कर 7.32 प्रतिशत रही.