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अन्‍ना हजारे का आज दिल्‍ली में अनशन

सालभर के भीतर एक बार फिर अन्ना हजारे दिल्ली के जंतर मंतर पर अनशन के लिए बैठ रहे हैं. इरादा है सरकार पर मजबूत लोकपाल और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले यानी ब्हिसिल ब्लोअर की सुरक्षा के लिए सख्त कानून का दबाव बनाना.

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अन्ना हजारे
अन्ना हजारे

सालभर के भीतर एक बार फिर अन्ना हजारे दिल्ली के जंतर मंतर पर अनशन के लिए बैठ रहे हैं. इरादा है सरकार पर मजबूत लोकपाल और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले यानी ब्हिसिल ब्लोअर की सुरक्षा के लिए सख्त कानून का दबाव बनाना. आज के अनशन में खास बात ये है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग में जान गंवाने वाले 25 ब्हिसिल ब्लोअर के परिवार वाले भी अन्ना के साथ बैठेंगे.

अन्ना का अनशन भले ही एक दिन का सही लेकिन टीम अन्ना कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती. इसीलिए जंतर-मंतर में इस बार ऊंचा मंच बनाया गया है, ताकि लोग अन्ना को देख सकें और उनसे जुड़ सकें.

खनन माफिया के खिलाफ लड़ते हुए शहीद हुए आईपीएस नरेंद्र कुमार के परिवार समेत कई और शहीदों के परिवार भी इस दौरान मौजूद रहेंगे. अनशन से पहले टीम अन्ना ने आरोप लगाया कि कोई राजनीतिक दल मजबूत लोकपाल नहीं चाहता, क्योंकि इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों के कातिल बच नहीं पाएंगे.

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अन्ना के अहम सहयोगी अरविंद केजरीवाल का कहना है कि राजनीतिक दलों में इस बात पर सहमति बन गई है कि मजबूत लोकपाल बिल नहीं आए. अगर मजबूत बिल आएगा, तो सभी को परेशानी होगी. बीजेपी का दावा है कि वो मजबूत लोकपाल बिल चाहती है, लेकिन संसद के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस ने सिर्फ लोकपाल बिल पास कराने का ड्रामा किया था.

दूसरी तरफ अन्ना के खिलाफ कांग्रेस फिलहाल कुछ भी सीधे तौर पर नहीं बोल रही है. उसका कहना है कि लोकतंत्र में सबको अपनी बात कहने की आजादी है और सभी राजनीतिक दल लोकपाल बिल लाना चाहते हैं. साथ ही सभी राजनीतिक पार्टियों ने कहा कि वो सशक्त लोकपाल कानून चाहते हैं.

गौरतलब है कि अन्ना साफ कर चुके हैं कि देश में 2014 का चुनाव एक बड़ा बदलाव लेकर आएगा. अन्ना के मुताबिक अगले कुछ महीनों में वो पूरे देश का दौरा करेंगे और लोगों से अपील करेंगे कि ऐसे लोगों को वोट नहीं दिया जाए जो भ्रष्टाचार के साथ हैं.

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