उच्चतम न्यायालय ने आरुषि और हेमराज हत्याकांड में आरूषि की मां डाक्टर नूपुर तलवार के खिलाफ सुनवाई पर रोक लगाने से इंकार कर दिया. न्यायालय ने साथ ही नूपुर के खिलाफ अभियोजन के आदेश की समीक्षा की मांग वाली उनकी याचिका पर सीबीआई को नोटिस भेजा.
न्यायमूर्ति एके पटनायक और न्यायमूर्ति जेके खेहर की पीठ ने सीबीआई से नूपुर की समीक्षा याचिका पर चार हफ्तों में जवाब मांगा है.
शीर्ष अदालत ने एक दुर्लभ कदम उठाते हुए 15 मार्च को इस मामले में नूपुर के खिलाफ अभियोजन को हरी झंडी दिखाने के फैसले की समीक्षा संबंधी याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई करने का निर्णय किया था. हालांकि उनके पति राजेश तलवार ने कोई समीक्षा याचिका दायर नहीं की.
पीठ सामान्यत: अपने आदेश की समीक्षा संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई अपने कक्ष में करती है लेकिन इस पीठ ने नूपुर की खुली अदालत में सुनवाई करने की मांग स्वीकार की थी.
नूपुर ने उच्चतम न्यायालय से छह जनवरी के अपने उस आदेश की समीक्षा की मांग की थी जिसमें इस हत्याकांड में नोएडा के डाक्टर दंपति के खिलाफ सुनवाई का रास्ता साफ किया गया था. न्यायालय ने डाक्टर दंपति की उनके खिलाफ आपराधिक मामला खत्म करने की मांग खारिज कर दी थी. पीठ ने निचली अदालत के फैसले में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया और कहा कि आरोपपत्र पर संज्ञान लेकर उन्हें समन करने वाले मजिस्ट्रेट आदेश में कुछ भी गलत नहीं है.
गौरतलब है कि 15-16 मई 2008 की रात को नोएडा स्थित घर में 14 वर्षीय आरूषि तलवार मृत पाई गई थी. अगले दिन नौकर हेमराज का शव घर की छत से बरामद हुआ था.
सीबीआई को 29 मई 2008 को इस मामले की जांच सौंपी गई थी.