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पायलटों की हड़ताल से एयर इंडिया को 270 करोड़ का नुकसान

पायलटों का सामूहिक रूप से चिकित्सा अवकाश गुरुवार को 17वें दिन में प्रवेश कर गया जबकि एयर इंडिया को अब तक इस हड़ताल की वजह से 270 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है.

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एयर इंडिया
एयर इंडिया

पायलटों का सामूहिक रूप से चिकित्सा अवकाश गुरुवार को 17वें दिन में प्रवेश कर गया जबकि एयर इंडिया को अब तक इस हड़ताल की वजह से 270 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है.

एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'लगभग 270 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. इसमें टिकटों का रद्द होना, कर्मचारियों एवं बोइंग-777 के अप्रयुक्त पड़ा बेड़ा शामिल है.'

उन्होंने बताया कि आपातकालीन योजना के कारण घाटे में प्रति दिन 10 करोड़ रुपये के हिसाब से कमी आई है.

सरकारी विमानन कंपनी ने कहा है कि अमेरिका और यूरोप जैसी लंबी उड़ानों के लिए उसके पास पर्याप्त पायलट हैं. एयर इंडिया ने जून के लिए अपनी अंतरिम समयसारिणी भी घोषित कर दी.

एयर इंडिया ने दो से 30 जून तक प्रभावी इस समय सारिणी की घोषणा बुधवार देर रात की. इसके तहत सरकारी विमानन कम्पनी प्रतिदिन 45 की जगह 38 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का संचालन करेगी.

यूएई, ओमान, बहरीन, कुवैत, सिंगापुर, थाईलैंड और दक्षेस देशों के लिए उड़ानें नियमित तौर पर जारी रहेंगी लेकिन हांगकांग, ओसाका, सियोल और टोरंटो की उड़ानों को रद्द कर दिया गया है.

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अधिकारी ने बताया कि इसके लिए ए320, ए321, ए330 विमानों के बेड़े को लगाया गया है.

नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने बिना शर्त पायलटों के काम पर लौटने की अपील की और उन्हें आश्वस्त किया कि किसी को प्रताड़ित नहीं किया जाएगा.

बुधवार को अजित सिंह ने कहा था कि बर्खास्त 101 पायलटों को मामलों के आधार पर पुनर्बहाल किया जाएगा.

उन्होंने कहा था, 'हमने एक बर्खास्त पायलट को वापस ले लिया है. लेकिन बर्खास्त प्रत्येक पायलट की वापसी पर अलग से विचार किया जाएगा. पहले उन्हें बिना शर्त काम पर वापस आना होगा.'

उधर, हड़ताली पायलटों का कहना है कि जब उनके बर्खास्त साथियों की बहाली नहीं हो जाती और प्रबंधन उनकी मांगों पर वार्ता शुरू नहीं कर देता तब तक वे हड़ताल खत्म नहीं करेंगे.

इंडियन पायलट्स गिल्ड (आईपीजी) के रोहित कपाही ने कहा, 'हम वार्ता के लिए तैयार हैं. लेकिन बिना हमारे मुद्दों पर विचार शुरू किए हम काम पर वापस नहीं लौटेंगे.'

वेतन एवं करियर से जुड़े मुद्दों के अलावा पूर्व के इंडियन एयरलाइंस के पायलटों को बोइंग-787 ड्रीमलाइनर का प्रशिक्षण देने के विरोध में आईपीजी के 101 पायलट आठ मई से सामूहिक रूप से चिकित्सा अवकाश पर हैं.



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