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UP: जिस व्यक्ति का होने जा रहा था पोस्टमॉर्टम, वह चाय पीते हुए चौराहे पर मिला

सड़क हादसे में मौत के बाद शव को भेजा जा रहा था पोस्टमॉर्टम के लिए.
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उत्तर प्रदेश के देवरिया में एक हैरान करने देने वाली खबर सामने आई है. यहां एक युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई थी. युवक की शिनाख्त के बाद सलेमपुर कोतवाली पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया. लेकिन कुछ देर में पता चला कि मृत युवक तो जिंदा है और वह अपने कस्बे के चौराहे पर चाय पी रहा है. 

जिस व्यक्ति का होने जा रहा था पोस्टमॉर्टम वह मिला जिंदा.
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बता दें कि सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के धनौती रेलवे क्रासिंग के पास सड़क किनारे एक व्यक्ति घायल अवस्था में मिला था. इस शख्स को कुछ लोगों ने एम्बुलेंस से सीएचसी सलेमपुर भिजवाया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. बाद में एक शख्स ने इस शख्स की पहचान करते हुए इसे श्रीनगर गांव का फुलेश्वर बताया. इसी व्यक्ति ने श्रीनगर गांव में सूचना पहुंचा दी कि इस गांव के फुलेश्वर जिसकी उम्र 55 साल है, उसकी सड़क हादसे में मौत हो गई है.

मृतक की अंत्येष्टि के लिए बांस वगैरह भी आ गया था.
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आनन-फानन में फुलेश्वर का बेटा रविन्द्र कुछ लोगों के साथ अस्पताल पहुंचा तो शव देखकर रोने लगा. बेटे रविन्द्र ने भी शव की शिनाख्त कर दी. इसके बाद सलेमपुर कोतवाली पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. बेटा रविन्द्र भी मोर्चरी गया. दूसरी तरफ गांव में फुलेश्वर की मौत की खबर से कोहराम मच गया था. अंत्येष्टि के लिए लोग सारा इंतजाम भी कर आए थे.

पुलिस ने लावारिस शव का पोस्टमॉर्टम होने से रुकवाया.
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इसी दौरान फुलेश्वर जिसकी मौत की खबर से हाहाकार मचा था वह एक दुकान पर चाय पीता हुआ नजर आया. ये देखकर लोग हैरान रह गए. एक व्यक्ति ने पूरी बात फुलेश्वर को बताई और कहा कि उसके घर में सभी का रो-रोकर बुरा हाल है. इसके बाद वहीं से उसने वीडियो कॉल के जरिए उसके बेटे रविन्द्र से उसकी बात करवाई. अपने पिता को जीवित देखकर रविंद्र को पहले तो कुछ समझ में नहीं आया, फिर उसे पूरी बात समझ में आई. दरअसल ये शव के गलत पहचान का मामला था. इसकी सूचना तत्काल सलेमपुर पुलिस को दी गई.

फुलेश्वर का कहना है कि वह दवा खरीदने निकला था और लौटकर चाय पा रहा था.
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फुलेश्वर का कहना है कि वह दवा खरीदने निकला था और लौटकर चाय पी रहा था. अचानक से लोग मुझसे पूछने लगे कैसे दुर्घटना हुई है. आप जिंदा है दिखाई दे रहे हैं. घर पर गए तो देखा कि हमारी मौत की सूचना परिवारवालों को दी गई थी. सूचना पर सभी रिश्तेदार घर आ गए थे. वहां से हम मोबाइल से वीडियो कॉल करके बताए कि मैं जिंदा हूं.

बेटा बोला-कुछ लड़कों ने विडियो कॉलिंग कर दिखाया कि तुम्हारे पिता जिंदा है.
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बेटे रविन्द्र का कहना है कि हम घर पर बैठे थे तो हमारे बुआ के यहां से फोन आया था कि तुम्हारे पिता का एक्सीडेंट हुआ है. उनको सरकारी हॉस्पिटल ले जाया गया है. हम अस्पताल पहुंचे तब गाड़ी से शव को उतारा जा रहा था और साइड से देखा डेड बॉडी का चेहरा पूरा सूजा था. काफी ज्यादा चोट थी और डॉक्टर ने उन्हें मृत बता दिया. हम बेसुध हो गए थे. इसके बाद गांव चले आए, बाद में कुछ लड़कों ने वीडियो कॉल कर दिखाया कि तुम्हारे पिता तो जिंदा हैं.

कुछ लोगों ने फुलेश्वर को चाय पीते देखा तो गांव में खुशी की लहर दौड़ गई.
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ग्रामीण प्रदीप मिश्रा का कहना है कि कल हमारे गांव में एक अजीब घटना हुई. फुलेश्वर हमारे गांव के रहने वाले हैं. वह लार में दवा लेने गए थे. वहीं पर एक युवक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. लोगों ने सूचना दी कि फुलेश्वर मर गए हैं. उनके लड़के गए उन्होंने भी पहचान की कि उनके पिता मर गए हैं. उसके बाद यहां गांव में उनका कफन खरीद कर रख लिया गया. डेड बॉडी पोस्टमॉर्टम के लिए चली गई. तभी सलेमपुर में कुछ लोगों ने फुलेश्वर को चाय पीते देखा. उसके बाद फुलेश्वर को कोतवाली ले जाया गया इसके बाद आगे की कार्रवाई हुई.