पंजाब नेशनल बैंक का घोटाला सामने आने के बाद से देश के बाकी बैंक लोन डिफाल्टर्स को लेकर हरकत में आ गए हैं. सोमवार को सीबीआई ने मशहूर पैन कंपनी रोटोमैक के मालिक विक्रम कोठारी को कानपुर से हिरासत में ले लिया है. कोठारी पर बैंक ऑफ़ बड़ौदा का 800 करोड़ रुपये का लोन ना चुकाने का आरोप है.
कहा तो यह भी जा रहा है कि कोठारी ने बैंक ऑफ बड़ौदा के अलावा देश के पांच सरकारी बैंक से 5000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. बता दें कि विक्रम कोठारी का संबंध उद्योग घराने से रहा है.
उनके पिता मनसुख भाई कोठारी पान मसाले का धंधा करते थे. अगस्त 1973 में उन्होंने ‘पान पराग’ नाम से पान मसाला ब्रैंड शुरु किया, जो दुनिया भर में मशहूर हुआ. मनसुख भाई के दो बेटे हुए. दीपक और विक्रम कोठारी. पिता का धंधा इन्हीं दोनों के बीच बंटा है. दीपक के हिस्से में पान पराग है तो वहीं विक्रम के हिस्से में रोटोमैक कंपनी है.
बताया जाता है कि जब रोटोमैक कंपनी विक्रम के पास आई तो उन्होंने इसे चमकाने की खूब कोशिश की. सलमान खान जैसे स्टार को ब्रांड एम्बेस्डर बनाकर प्रचार करवाया. इसी कंपनी के विस्तार के लिए कोठारी ने बैंकों से लोन लिया, लेकिन धंधा नहीं चला, तो वो बैंकों का पैसा नहीं चुका पाए.
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कोठारी पर इंडियन ओवरसीज़ बैंक का 1400 करोड़, बैंक ऑफ इंडिया का 1395 करोड़, बैंक ऑफ बड़ौदा का 800 करोड़, यूनियन बैंक का 485 करोड़ और इलाहाबाद बैंक का 352 करोड़ रुपये लोन है.