PM मोदी के इजरायल दौरे के बाद से भारत और इजरायल के रिश्ते की दुनियाभर में चर्चा हो रही है. अब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत आ रहे हैं. सवाल ये है कि इजरायल से हमारा रिश्ता आखिर कैसा है? इस सवाल का जवाब देने के लिए हम आपको कारगिल के दिनों में ले चलते हैं. पढ़िए, कारगिल की लड़ाई और इजरायल से हमारे रिश्ते में क्या जुड़ाव है...
मई 1999 में आतंकियों के रूप में पाकिस्तानी जवान कारगिल, द्रास सेक्टर में घुस आए थे. ऑपरेशन विजय लॉन्च किया गया था. इंडियन आर्मी की बंदिशे थीं. खामियां सामने आईं. इंडियन आर्मी के जवानों को ऐसी ट्रेनिंग नहीं मिली थी जिससे वे पहाड़ या ऊंचाई पर बेहतर जंग लड़ सकें.
आर्मी को अपनी सीमा के अंदर रहकर ही लड़ाई लड़नी थी. क्योंकि सीमा पार करने का मतलब होता कि बड़े जंग का ऐलान. वहीं इंडियन एयरफोर्स जो कि अनगाइडेड मिसाइल लेकर पहुंचे थे, वे पाकिस्तानी बंकरों को निशाना बना पाने में असमर्थ थे.
भारत का ट्रेडिशनल फोटो प्लेटफॉर्म भी फेल हो गया था, क्योंकि कैनबेरा PR57 को पाकिस्तान ने मार गिराया था. ऐसे में भारत के पास ऊंचाई से पाकिस्तान की ओर नजर रखने का कोई विकल्प नहीं था. यह पता लगाने के लिए कुछ नहीं था कि उस साइड उनके सैनिक कहां हैं, उनके फाइटर जेट्स कहां खड़े हैं?
भारतीय नेवी पाकिस्तान के सप्लाई रूट को काटने की तैयारी में थी, पर एक बात की चिंता थी कि अगर ऐसा किया जाता है तो पाकिस्तान अमेरिकी हारपून मिसाइल का इस्तेमाल कर सकता था.
इसके बाद इजरायल ने मदद की थी. इजरायल ऐसे कुछ देशों में था जिसने कारगिल सेक्टर में घुसपैठियों के खिलाफ रणनीति बनाने में भारत की मदद की. इजरायली आर्मी के पास इस बात के पुख्ता अनुभव और तकनीक हैं. उन्हें बॉर्डर पर कंट्रोल, काउंटर टेरेरिज्म और लिमिटेड वॉर में महारत हासिल है.
अमेरिका के दबाव के बावजूद इजरायल ने कारगिल से पहले ऑर्डर किए गए हथियारों की खेप जल्द से जल्द पहुंचाने पर सहमति जताई. हेरोन और सर्चर जैसे यूएवी (ड्रोन) जो ऊंचाई से निगरानी कर सकते हैं मिल गए. आर्मी को सटीक लोकेशन का पता चला.
इजरायल ने न सिर्फ मानवरहित एरियल ड्रोन प्रदान किया बल्कि मिलिट्री सैटेलाइट्स से फोटोग्राफ भी मुहैया कराए. बोफोर्स फील्ड गन के लिए इजरायल ने गोलियां और हथियार मुहैया कराए.
जंग के मैदान पर तैनात मिराज 2000H फाइटर के लिए इजरायल की ओर से लेजर गाइडेड मिसाइल भी मिले. यानी युद्ध के कठिन दौर में इजरायल ने हमारा साथ दिया.
इजरायल ने 1965 और 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाइयों के दौरान भी भारत को मदद दी.