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अर्मेनिया-अजरबैजान की जंग में पाकिस्तान के कूदने की चर्चा, युद्धग्रस्त क्षेत्र में भेजे सैनिक

युद्ध में कूदा पाकिस्तान
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नागोर्नो-काराबाख इलाके के विवादित जमीन को लेकर अर्मेनिया और अजरबैजान के बीच जारी जंग में अब पाकिस्तान के भी कूदने की चर्चा है. पाकिस्तान ने कथित रूप से अर्मेनिया के खिलाफ अजरबैजान का साथ देने के लिए नागोर्नो-करबाख के युद्धग्रस्त क्षेत्र में अपनी सेना को तैनात कर दिया है. दो नागरिकों के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के आधार पर एक अर्मेनियाई समाचार रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. हालांकि पाकिस्तान की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है. 

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बता दें कि ये पूरी जंग 4400 वर्ग किलोमीटर के नागोर्नो काराबाख इलाके पर कब्जे को लेकर हो रही है. नागोर्नो काराबाख को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अजरबैजान का हिस्सा माना जाता है लेकिन इस पर अर्मेनिया के जातीय गुटों ने कब्जा कर रखा है. युद्ध में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है.
 

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युद्ध में पाकिस्तान की मौजूदगी को लेकर स्थानीय न्यूज वेबसाइट FreeNews.AM के अनुसार, दो लोगों के बीच जो बातचीत हुई, उसमें अज़रबैजान में पाकिस्तानी सेना की उपस्थिति का दावा किया गया है.
 

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जिस बातचीत के आधार पर पाकिस्तान की मौजूदगी का दावा किया जा रहा है उसमें कहा जा रहा है, “हम कैसे लिख सकते हैं? मेरे पास पैसा नहीं है हम ठीक हैं, चिंता मत करो, 7-8 गांवों को आजाद कर दिया गया, डरो मत, ”एक दूसरे नागरिक ने कहा "हाँ मुझे पता है, मैंने इंस्टाग्राम पर देखा है कि फ़िज़ुली, अगदम को कब्जे से मुक्त किया गया है.

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बातचीत में आगे पहला शख्स पूछता है. इंटरनेट में क्या गलत है, यह काम क्यों नहीं करता है? " इसके जवाब में दूसरे ने कहा कि उनके मंत्रालय ने इसे बंद कर दिया है. "जैसा कि बहुत सी चीजें यहां होती हैं, लोग आर्मेनियाई लोगों के संपर्क में आते हैं, इसीलिए उन्होंने इसे बंद कर दिया है."

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यह पूछे जाने पर कि क्या शूटिंग दूसरे नागरिक क्षेत्र में हो रही है, उन्होंने कहा, ''अगदम की तरफ, उन्होंने पाकिस्तानी सैनिकों को इकट्ठा किया है और उन्हें अगदम की ओर ले गए हैं.''

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पाकिस्तान तुर्की के अलावा दूसरा देश है, जिसने 1991 में अज़रबैजान की संप्रभुता को मान्यता दी थी. इस्लामाबाद और अंकारा के बीच संबंधों को मजबूत किया गया क्योंकि बाद में उसने कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के रुख का खुलकर समर्थन किया.