नरेंद्र मोदी सरकार ने सामान्य वर्ग को आरक्षण देने का फैसला किया है. कैबिनेट बैठक में सरकार ने तय किया है कि आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग के लिए 10 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा. इसके लिए संसद में संविधान संसोधन विधेयक पेश किया जाएगा. इसको लेकर लोगों ने सोशल मीडिया पर अलग-अलग रिएक्शन दिए हैं. @newshungree हैंडल से इस फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा गया- इस वक्त रिजर्वेशन की खबर सुनने पर हर कोई ऐसा सोच रहा है...
@iashwathama ने लिखा- आरक्षण का लाभ मुझे भी कभी नहीं मिला. लेकिन ये आरक्षण समाज को बांटने का काम कर रहा है. जिस तरह से आरक्षित लोग बढ़ते जा रहे हैं, क्या आप 100% आबादी को आरक्षण देंगे.
@GavaiSateesh ने लिखा- अगर मोदी जी के इस जुमले को सच मान भी लें, तो समझने वाली बात ये है कि 8 लाख तक की आय वाला सवर्ण, गरीब कैसे?
वहीं, @dhunijee हैंडल से अजय मिश्रा ने लिखा- इस आरक्षण के चक्कर में राम को न भूल जाना भारत के लालों!
@dangariya_ravi ने लिखा- नियत में अगर इमानदारी होती तो आर्थिक आधार पर सवर्णो को आरक्षण देने के फैसले से पहले संविधान में मोदी जी संशोधन करते. संविधान में सामाजिक व शैक्षणिक पिछड़ेपन के साथ आर्थिक पिछड़ेपन को भी आरक्षण का आधार बनाते तो समझ में आता की मोदी जी गरीब सवर्ण को आरक्षण और न्याय देना चाहते हैं.
@AJAMEENA ने लिखा कि जो देश कल तक "आरक्षण" की वजह से पीछे जा रहा था, आज से अचानक आगे बढ़ने लगा!
@narendra_6308_ ने लिखा- सही फैसला अगर सही समय पर लिया जाए तो फैसला कभी गलत हो ही नहीं सकता.. लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि सवर्ण आरक्षण का फैसला गलत समय पर लिया गया, यह सिर्फ एक जुमला ही है.