केरल में बाढ़-बारिश से हालात और बिगड़ गए हैं. 2 दिनों में भूस्खलन और बारिश से जुड़ी घटनाओं में 29 लोगों की मौत हो गई है.
शनिवार को कुछ इलाकों में वॉटर लेवल कम होने की खबर आई है. इडुक्की में
बाढ़ के स्तर में कमी आई है. हालांकि इसके बावजूद रेड अलर्ट जारी है. यह
13 अगस्त तक रहेगा. फोटो क्रेडिट- शालिनी
इसके अलावा वायानड में भी 14 अगस्त तक रेड अलर्ट जारी किया गया है.
बाढ़ के चलते इडुक्की डैम के पांच शटर खोल दिए गए हैं, ऐसा 40 साल में पहली बार हुआ है. फोटो क्रेडिट- शालिनी
एर्नाकुलम और त्रिशूर में हाई अलर्ट की सूचना है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक कुल 29 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 54,000 लोग बेघर हो चुके हैं
राहत और बचाव कार्य के लिए आर्मी की कुल आठ टीमें लगाई गई हैं.
नेवी द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन मदद' के जरिए केरल के पहाड़ी इलाकों से अबतक 55 लोगों को बचाया जा चुका है.
वयानड जिले के 1964 परिवारों के 10400 लोगों को राहत कैंपों में शिफ्ट किया गया है.
इनके लिए राज्य के अलग-अलग इलाकों में 439 राहत शिविर बनाए गए हैं.
बाढ़ प्रभावित इडुक्की, कन्नूर, कोझीकोड, पनामारम, वायनाड और मलप्पुरम जिलों में राहत कार्य चल रहा है. फोटो क्रेडिट- शालिनी
नेवी की 4 और कोस्टगार्ड की 3 टीमों को अलर्ट पर रखा गया है.
आपको बता दें कि राज्य के 58 बांधों में 24 में क्षमता से ज्यादा पानी भर गया है. फोटो क्रेडिट- शालिनी
गृहमंत्री राजनाथ सिंह 12 अगस्त को राज्य का दौरा करेंगे. फोटो क्रेडिट- शालिनी
मुन्नार में 60 लोगों के फंसे होने की खबर थी, जिनमें से 24 विदेशी बताए जा रहे थे. इन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
इस आपदा के बीच केरल के सांसदों का दल शुक्रवार को राजनाथ सिंह से मिला और
केंद्र की मदद मांगी. प्रधानमंत्री मोदी भी केरल के मुख्यमंत्री से बात
करके पूरी मदद का भरोसा दे चुके हैं.
बाढ़ से सबसे ज्यादा 11 मौतें इडुक्की जिले में हुई हैं.
आपको बता दें कि पिछले दो दिन से लगातार हो रही बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी की
वजह से पेरियार नदी उफान पर है. फोटो क्रेडिट- शालिनी
इस वजह से कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर
भी पानी भरने का खतरा बढ़ गया और कुछ घंटों के लिए एयरपोर्ट पर विमानों की
आवाजाही रोकनी पड़ी. फोटो क्रेडिट- शालिनी
सरकार ने लोगों को सर्तक रहने को कहा है. फोटो क्रेडिट- शालिनी
गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को सदन में बताया कि इस साल मॉनसून के दौरान 7
राज्यों में 718 लोगों की मौत हुई है. सबसे ज्यादा केरल में 178 लोगों ने
जान गंवाई.