सफर करना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन सोचिए कि आप किसी अनजान शहर या घने जंगल के बीच हों और आपको समझ न आए कि किस तरफ जाना है? ऐसे में हाथ-पांव फूलना स्वाभाविक है. रास्ता भटक जाना न केवल आपका समय खराब करता है, बल्कि यह सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय बन सकता है. लेकिन अच्छी बात यह है कि आज के दौर में टेक्नोलॉजी ने रास्ता ढूंढने के तरीके को बदल दिया है. चाहे आपके हाथ में स्मार्टफोन हो या फिर आप किसी ऐसी जगह हों जहां सिग्नल भी न हो, कुछ स्मार्ट ट्रिक्स अपनाकर आप अपनी मंजिल तक बड़ी आसानी से पहुंच सकते हैं. आइए जानते हैं कि कैसे आप एक प्रो-ट्रैवलर की तरह अनजान जगहों पर भी रास्ता पहचान सकते हैं.
Google Maps का स्मार्ट जादू
आजकल हम सबके मोबाइल में गूगल मैप्स (Google Maps) होता है, लेकिन क्या आपको पता है कि यह सिर्फ एक नक्शा नहीं, बल्कि एक ऐसा मददगार है जो आपको कभी रास्ता भटकने नहीं देगा. अक्सर जब हम शहर की भूलभुलैया वाली गलियों में पैदल चलते हैं, तो समझ नहीं आता कि बाएं मुड़ना है या दाएं. ऐसे समय में इसका लाइव व्यू (Live View) फीचर किसी वरदान से कम साबित नहीं होता. इसे इस्तेमाल करना बहुत आसान है. इसके लिए बस अपना ऐप खोलें, जहां जाना है उस जगह का नाम लिखें और रास्ता (Directions) पर क्लिक करके पैदल चलने वाला विकल्प चुन लें. इसके बाद नीचे की ओर दिख रहे लाइव व्यू बटन को दबाएं. अब जैसे ही आप अपना कैमरा आसपास की ऊंची इमारतों या दुकानों की तरफ घुमाएंगे, स्क्रीन पर बड़े-बड़े तीर (Arrows) नजर आने लगेंगे. ये तीर आपको साफ-साफ बताएंगे कि आपको किस तरफ कदम बढ़ाना है.
इतना ही नहीं, अगर आप अपनी सटीक लोकेशन या आसपास की दुकानों की जानकारी जानना चाहते हैं, तो Google Maps का कैमरा-आधारित फीचर भी काफी काम का है. कैमरा ऑन करते ही यह आसपास की जगहों को पहचान कर उनकी दूरी और नाम दिखा देता है. साथ ही आवाज के निर्देश (Voice Navigation) चालू रखें, ताकि चलते-चलते गूगल की आवाज आपको सही दिशा बताती रहे.
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जब फोन न आए काम तो ऐसे खोजें राह
कई बार एडवेंचर के शौकीन लोग ऐसी जगहों पर पहुंच जाते हैं जहां न तो फोन का नेटवर्क होता है और न ही Google Maps काम करता है. ऐसी स्थिति में आपको कुदरत के संकेतों और अपनी सूझबूझ का सहारा लेना होगा. यहां सबसे जरूरी चीज है 'लैंडमार्क' यानी पहचान के निशान. जब भी आप किसी अनजान रास्ते पर बढ़ें, तो रास्ते में आने वाले खास पेड़ों, बड़े पत्थरों या किसी अलग दिखने वाले मोड़ को दिमाग में छाप लें. एक खास ट्रिक यह है कि हर मोड़ पर मुड़ने के बाद एक बार पीछे मुड़कर जरूर देखें कि वह रास्ता पीछे से कैसा दिखता है, ताकि लौटते समय आपको कोई भ्रम न हो.
अगर आप जंगल में हैं, तो नदी या किसी नाले का सहारा लेना सबसे समझदारी भरा फैसला होता है, क्योंकि पानी हमेशा ढलान की ओर और अक्सर आबादी की ओर ले जाता है. इसके अलावा, अपने फोन या घड़ी में मौजूद डिजिटल कंपास का इस्तेमाल करें ताकि आप एक ही दिशा में सीधे चल सकें. याद रखें, जंगल जैसे इलाकों में अपनी पहचान के लिए रास्ते में पत्थरों को एक के ऊपर एक रखना या झाड़ियों को मोड़कर निशान लगाना बहुत काम आता है.
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स्थानीय लोगों की मदद और सुरक्षा का ध्यान
टेक्नोलॉजी अपनी जगह है, लेकिन स्थानीय लोगों का अनुभव हमेशा भारी पड़ता है. अगर आप किसी अनजान जगह पर रास्ता भूल गए हैं, तो किसी स्थानीय व्यक्ति से पूछने में बिल्कुल न झिझकें. वे आपको न सिर्फ सही रास्ता बताएंगे बल्कि ऐसे शॉर्टकट्स भी बता सकते हैं जो शायद मैप्स पर भी न हों. लेकिन यहां सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है. अक्सर लोग रास्ता देखते समय मोबाइल स्क्रीन में इतने खो जाते हैं कि आसपास के खतरों को नजरअंदाज कर देते हैं. जब आपको सही दिशा मिल जाए, तो फोन को जेब में रखें और अपनी नजर सड़क और माहौल पर रखें. साथ ही, अगर आप अकेले सफर कर रहे हैं, तो हमेशा किसी भरोसेमंद व्यक्ति के साथ अपनी 'Live Location' शेयर करते रहें. ये छोटी-छोटी सावधानियां आपकी यात्रा को न केवल सुगम बनाएंगी बल्कि आपको किसी भी बड़ी मुश्किल से भी बचाएंगी.