सेंट स्टीफंस कॉलेज
सेंट स्टीफंस कॉलेज (St Stephens College) दिल्ली विश्वविद्यालय का एक घटक कॉलेज है (constituent college of DU). इसकी स्थापना 1881 में कैम्ब्रिज मिशन ने किया था (St Stephens College Foundation). कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय के दायरे में स्नातक और स्नातकोत्तर के साथ उदार कला और विज्ञान में डिग्री प्रदान करता है. यह दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर में स्थित है (St Stephens College North Campus DU).
2017 में कॉलेज के शासी निकाय ने इसे एक स्वायत्त संस्थान बनाने की दिशा में एकतरफा पहल की. 2018 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा एक अनुकूल निर्णय पारित करने के खिलाफ कानूनी सलाह मिलने के बाद योजना को रोक दिया गया था.
सेंट स्टीफंस कॉलेज के पुस्तकालय में दुर्लभ संस्कृत और फारसी पांडुलिपियां हैं. यह छात्रों को डिजिटल सेवाएं भी प्रदान करता है और इसका अपना घरेलू ऑनलाइन सार्वजनिक एक्सेस कैटलॉग भी है. पुस्तकालय में एक कॉलेज संग्रह भी है, जिसमें कॉलेज के इतिहास से संबंधित विभिन्न दस्तावेज हैं (St Stephens College Library).
2021 में नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) ने सेंट स्टीफंस को भारत के कॉलेजों में आठवां स्थान दिया है. इंडिया टुडे ने सेंट स्टीफन को कला महाविद्यालयों में दूसरा और 2020 में विज्ञान महाविद्यालयों में तीसरा स्थान दिया था (St Stephens College Ranking).
सेंट स्टीफंस कॉलेज उच्च शिक्षा का सह-शिक्षा संस्थान है. यह हिंदू कॉलेज और रामजस कॉलेज के साथ दिल्ली विश्वविद्यालय के तीन संस्थापक कॉलेजों में से एक है. कॉलेज मेधावी छात्रों को कई छात्रवृत्ति और पुरस्कार प्रदान करता है (St Stephens College Students).
CUET UG 2026 का रिजल्ट जारी हो गया है और साथ ही CUET को अपनी टॉपर देविना गहलोत मिल गई है. देविना ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर बड़ी सफलता अपने नाम की है. अब उनकी नजर दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित कॉलेजों में गिने जाने वाले सेंट स्टीफंस कॉलेज पर है. देशभर से हर साल लाखों छात्र इस कॉलेज में एडमिशन लेने का सपना देखते हैं. ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर क्यों सेंट स्टीफंस कॉलेज इतना खास है, यहां एडमिशन लेना इतना मुश्किल क्यों है और यहां पर फीस कितनी लगती है?
UGC ने कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ को सख्त निर्देश दिए हैं कि व्हाट्सऐप जैसे ग्रुप में जूनियर्स को मानसिक रूप से परेशान करना भी अब रैगिंग के अंतर्गत आएगा. दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई.