दक्षिण शालमारा-मानकाचर (South Salmara Mankachar) असम राज्य का एक सीमावर्ती जिला है, जिसका गठन वर्ष 2016 में किया गया था. यह जिला ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है और इसकी अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश से लगती है. भौगोलिक रूप से यह जिला असम के पश्चिमी छोर पर स्थित है, जिसके कारण इसका रणनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व काफी अधिक है.
इस जिले का प्रशासनिक मुख्यालय हाटसिंमारी है, जबकि मानकाचर इसका एक प्रमुख कस्बा और व्यावसायिक केंद्र है. यहां की आबादी बहुजातीय और बहुधार्मिक है, जिसमें बंगाली भाषी मुस्लिम समुदाय की संख्या अधिक है, साथ ही हिंदू, आदिवासी और अन्य समुदाय भी निवास करते हैं. भाषा, खानपान और पहनावे में असमिया और बंगाली संस्कृति का सुंदर मिश्रण देखने को मिलता है.
दक्षिण शालमारा-मानकाचर की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. धान, जूट, सरसों और विभिन्न सब्जियों की खेती यहां व्यापक रूप से की जाती है. ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के कारण भूमि अत्यंत उपजाऊ है, हालांकि बाढ़ इस जिले की एक बड़ी समस्या बनी रहती है. हर वर्ष मानसून के दौरान आने वाली बाढ़ से जनजीवन और फसलों को नुकसान पहुंचता है.
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिला धीरे-धीरे प्रगति कर रहा है. यहां सरकारी स्कूल, कॉलेज और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मौजूद हैं, हालांकि उच्च शिक्षा और विशेष चिकित्सा सुविधाओं के लिए लोगों को अन्य जिलों पर निर्भर रहना पड़ता है. सड़क और परिवहन सुविधाओं में भी सुधार हो रहा है, जिससे जिला मुख्यधारा से बेहतर ढंग से जुड़ रहा है.
कुल मिलाकर, दक्षिण शालमारा-मानकाचर एक ऐसा जिला है जो सीमावर्ती चुनौतियों, प्राकृतिक आपदाओं और विकास की संभावनाओं के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ रहा है. सही नीतियों और आधारभूत ढांचे के विकास से यह क्षेत्र भविष्य में असम के महत्वपूर्ण जिलों में शामिल हो सकता है.