मोरीगांव (Morigaon) असम का एक खूबसूरत और शांत जिला है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है. यह जिला ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बसा हुआ है, इसलिए यहां की जमीन काफी उपजाऊ मानी जाती है. खेती यहां के लोगों की आजीविका का मुख्य साधन है. धान, सरसों और सब्जियों की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है.
मोरीगांव की पहचान सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है. यहां की पारंपरिक असमिया संस्कृति, त्योहार और लोक जीवन भी लोगों को आकर्षित करते हैं. बिहू जैसे त्योहार यहां पूरे उत्साह के साथ मनाए जाते हैं. गांवों में आज भी परंपराओं की झलक साफ दिखाई देती है.
यह जिला प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है. खासकर पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य के कारण मोरीगांव का नाम काफी प्रसिद्ध है. यहां एक सींग वाले गैंडे बड़ी संख्या में पाए जाते हैं, जिन्हें देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक आते हैं. इसके अलावा हरियाली और शांत वातावरण इसे घूमने के लिहाज से खास बनाता है.
शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के मामले में भी मोरीगांव धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है. सड़क और परिवहन व्यवस्था पहले के मुकाबले बेहतर हुई है. स्थानीय बाजारों में पारंपरिक हस्तशिल्प और खेती से जुड़े उत्पाद मिल जाते हैं.
कुल मिलाकर, मोरीगांव एक ऐसा जिला है जहां सादगी, प्रकृति और संस्कृति तीनों का सुंदर मेल देखने को मिलता है. जो लोग असम की असली ग्रामीण झलक देखना चाहते हैं, उनके लिए यह जगह खास अनुभव देती है.