बर्फीला ज्वालामुखी
एक बर्फीला ज्वालामुखी (Ice volcano) बर्फ का एक शंक्वाकार टीला होता है (Conical Mound of Ice) जो एक स्थलीय झील के ऊपर बर्फ की शेल्फ के माध्यम से हुए पानी और कीचड़ के विस्फोट बनता है. यह प्रक्रिया वेव-ड्रिवेन होती है, जिसमें हवा बर्फ से लहरों को काटने के लिए ऊर्जा प्रदान करती है और ऐसी संरचनाएं बनाती हैं जो ज्वालामुखियों के आकार और गतिविधि की नकल करती हैं. वायुमंडल में बाहर निकलने के बाद, तरल पानी और कीचड़ जम जाता है और वापस सतह पर गिर जाता है, जिससे इसका गठन होता है. इस प्रक्रिया के दौरान बर्फ भी फट सकती है. जब तापमान शून्य से नीचे होता है और हवा तट पर कम से कम 40 किमी/घंटा की गति से चलती है, तब इसका निर्माण होता है (Ice Volcano Formation Process).
यह घटना अक्सर एरी झील के दक्षिणी तट, ओंटारियो झील और प्लूटो और ट्राइटन के साथ देखी जाती है. वे वहां तटीय क्षरण को कम करने के लिए जाने जाते हैं (Ice Volcano Location). ये संरचनाएं अस्थायी होती हैं, जो अक्सर तूफान और गर्म मौसम से नष्ट हो जाती हैं, और एक बार जब झील पूरी तरह से जम जाती है, तो विस्फोट संभव नहीं होता है.
ज्वालामुखी और विशेष रूप से क्रायोवोल्कैनिज्म से समानता के कारण इसके लिए "बर्फीला ज्वालामुखी" शब्द का प्रयोग किया जाता है (Ice Volcano Naming).
सड़कों पर दरारें पड़ चुकी हैं. रास्ते धंस चुके हैं. पार्क धंस गए हैं. जमीन गर्म होती जा रही है. भूकंप के झटके आ रहे हैं. ये हालात हैं आइसलैंड के रेकजेन्स प्रायद्वीप के. जहां जमीन के नीचे ढेर सारा मैग्मा यानी गर्म लावा बह रहा है. इस बात की पुष्टि वैज्ञानिकों ने की है. इसलिए एक पूरा का पूरा द्वीप खाली करा लिया गया है.