हारून यूसुफ
हारून यूसुफ (Haroon Yusuf, Politician) एक राजनीतिज्ञ है. उन्होंने श्रीमती शीला दीक्षित (Former CM Sheila Dikshit) की अध्यक्षता में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की दिल्ली सरकार में खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग और उद्योग विभाग के मंत्री के रूप में कार्य किया है (Haroon Yusuf Ministry). उन्होंने दिल्ली कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी रहे हैं (Haroon Yusuf, former President of Delhi Congress).
वे 1993 में पहली बार बल्लीमारान से दिल्ली विधानसभा के लिए चुने गए थे. 2013 के दिल्ली विधान सभा चुनाव में, वह बल्लीमारान निर्वाचन क्षेत्र (Ballimaran Constituency) से पांचवीं बार चुने गए. तब से 2015 तक उसी निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्येक विधानसभा चुनाव में चुने गए. 2015 के दिल्ली विधान सभा चुनाव में, वह पहली बार आम आदमी पार्टी के इमरान हुसैन से चुनाव हार गए. वह दिल्ली वक्फ बोर्ड (1999-2004) के पहले निर्वाचित अध्यक्ष हैं (Haroon Yusuf first Chairman of Delhi Waqf).
हारून की राजनीतिक शुरुआत, 1988 में हुई, जब उन्हें दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के सचिव के रूप में चुना गया और उन्होंने अखिल भारतीय युवा कांग्रेस विंग के एंटी-नारकोटिक सेल के अध्यक्ष का कार्यभार संभाला और 1989 में उन्हें अखिल भारतीय युवा कांग्रेस विंग का संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया (Haroon Yusuf Early Politics).
हारून युसूफ का जन्म 6 मार्च 1958 को दिल्ली में हुआ था (Haroon Yusuf Age). उनके पिता का नाम मो. यूसुफ है (Haroon Yusuf Father). उन्होंने ज़ाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर किया है (Haroon Yusuf Education).
हारून यूसुफ की पत्नी का नाम बुशरा यूसुफ है (Haroon Yusuf Wife) और उनके तीन बच्चे हैं (Haroon Yusuf Children).
दिल्ली एमसीडी चुनाव को लेकर राजधानी का सियासी पारा चढ़ा हुआ है. जीत के लिए सभी पार्टियां पूरे जोर-शोर से लगा रही हैं. इस बीच पंचायत आजतक के मंच पर सभी दलों के नेता शिरकत कर रहे हैं. बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हारून यूसुफ पहुंचे. दोनों ने कई मुद्दों पर एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा. देखें.