गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (Government Railway Police) भारत में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण इकाई है. इसका मुख्य उद्देश्य रेलवे संपत्ति, यात्रियों की सुरक्षा और रेल परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है. GRP राज्य सरकार के अधीन कार्य करती है और प्रत्येक राज्य की अपनी GRP इकाई होती है, जो रेलवे के क्षेत्रीय नेटवर्क के अनुसार विभाजित होती है.
गवर्नमेंट रेलवे पुलिस की स्थापना ब्रिटिश शासन काल में रेलवे के बढ़ते विस्तार के साथ की गई थी, जब यह आवश्यकता महसूस हुई कि रेल परिसरों और ट्रेनों में अपराधों की रोकथाम के लिए एक विशेष पुलिस बल होना चाहिए. समय के साथ GRP को कानूनी अधिकार, जिम्मेदारियाँ और संरचना प्रदान की गई.
GRP के कार्य भारतीय रेलवे अधिनियम और राज्य पुलिस कानूनों के तहत निर्धारित होते हैं. इसके प्रमुख कार्यों में रेलवे परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, चोरी, लूट, छेड़छाड़, अपहरण आदि अपराधों की रोकथाम और जांच, दुर्घटना की स्थिति में सहायता और राहत कार्य करना, प्लेटफार्म, स्टेशन और ट्रेनों में गश्त लगाना शामिल है.
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में GRP ने मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है. पुलिस ने म्यांमार मूल की 4 लड़कियों को बरामद कर 2 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया कि लड़कियों को बांग्लादेश के कुतुपालम शरणार्थी शिविर से नदी और पहाड़ी रास्तों के जरिए भारत लाया गया था. पुलिस के मुताबिक उन्हें जम्मू में शादी कराने की योजना थी.
सेंट्रल रेलवे ने अप्रैल से अगस्त के बीच बिना टिकट यात्रा करने वाले 18 लाख यात्रियों से ₹140.8 करोड़ वसूल किए हैं. यह रकम पिछले साल के मुकाबले जुर्माने के तौर पर वसूली गई धनराशि से 40% फीसदी ज्यादा है. पढ़ें पूरी कहानी.
छत्तीसगढ़ में आजाद हिंद एक्सप्रेस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक यात्री ट्रेन के दरवाजे के पास मौजूद व्यक्ति को लात मारता दिखाई देता है, जिसके बाद वह नीचे गिर जाता है. रेलवे पुलिस ने वीडियो के आधार पर आरोपी यात्री को गिरफ्तार कर लिया है. पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है.
बिहार के मानसी रेलवे स्टेशन पर मोबाइल छीनने के कथित प्रयास के दौरान एक युवक यात्रियों के हत्थे चढ़ गया. यात्रियों ने उसका हाथ पकड़ लिया, जिसके कारण वह ट्रेन के साथ कुछ दूरी तक लटका रहा. बाद में खगड़िया स्टेशन पर उसे रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया गया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर तेज आंधी के कारण प्लेटफॉर्म पर लगा टिन शेड गिर गया. इसकी वजह से कई यात्री प्लेटफॉर्म पर फंस गए.
इटावा में एक जीआरपी सिपाही ने अपने घर पहुंचने के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस की चेन पुलिंग कर दी और ट्रेन रोक दी. इसके बाद आरपीएफ के जवानों ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया. जब इस बात की खबर एसएसपी को मिली तो उन्होंने आरोपी सिपाही सस्पेंड कर दिया. जानें, क्या है पूरा मामला?
आरोपी जीआरपी कर्मियों का काम सामान जांच चौकियों पर नकदी या कीमती सामान ले जाने वाले यात्रियों की तलाश करना था. पीड़ितों को एक वरिष्ठ अधिकारी से मिलने के लिए कहा जाता था और उन्हें उन प्लेटफार्मों पर जीआरपी परिसर में ले जाया जाता था, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं थे.