दासपुर (Daspur) पश्चिम बंगाल राज्य के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में स्थित एक ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र है. यह कस्बा कालीघाट नदी के किनारे बसा हुआ है और अपनी प्राचीन परंपराओं, शिक्षा तथा धार्मिक मान्यताओं के लिए जाना जाता है. दासपुर कभी राजा प्रतापादित्य के शासन का हिस्सा रहा था और यहां कई पुरातात्विक अवशेष आज भी देखे जा सकते हैं, जो इसके गौरवशाली अतीत की झलक दिखाते हैं. 2011 की जनगणना के अनुसार इस गांव की कुल जनसंख्या 3,667 है, जिसमें पुरुष 1,878 और महिला 1,789 शामिल हैं.
दासपुर का मुख्य आकर्षण इसके पुराने मंदिर, विशेषकर शिव और काली मंदिर हैं, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में भक्त एकत्रित होते हैं. यहां की मिट्टी उपजाऊ है और अधिकांश लोग कृषि पर निर्भर हैं. धान, सब्जियां और फल यहां की प्रमुख फसलें हैं.
शिक्षा के क्षेत्र में भी दासपुर ने काफी प्रगति की है. यहां कई विद्यालय और एक प्रसिद्ध कॉलेज हैं जो आस-पास के ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करते हैं. क्षेत्र में बंगाली संस्कृति, लोककला और संगीत का विशेष प्रभाव देखा जा सकता है. प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक विविधता के कारण दासपुर पश्चिम बंगाल का एक महत्वपूर्ण और शांतिप्रिय क्षेत्र माना जाता है.