भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 70B के प्रावधानों के अनुसार देश में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में विभिन्न कार्य करने के लिए राष्ट्रीय एजेंसी के रूप में कार्य करती है. CERT-In जनवरी 2004 से परिचालन में है. CERT-In इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत आता है. यह संगठनों और उपयोगकर्ताओं को अपने डेटा/सूचना और आईसीटी (सूचना और संचार प्रौद्योगिकी) बुनियादी ढांचे की सुरक्षा करने में सक्षम बनाने के लिए नियमित रूप से सलाह जारी करता है. साइबर सुरक्षा घटनाओं के संबंध में गतिविधियों के साथ-साथ आपातकालीन उपायों के परखने के लिए, सीईआरटी-इन सर्विस प्रोवाडर्स, डेटा सेंटर्स और बॉडी कॉरपोरेट्स से जानकारी मांगता है. यह घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए 24✕7 सुरक्षा सेवा प्रदान करता है.
Android security warning CERT-In: अगर आप एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर हैं, तो सरकारी एजेंसी CERT-In की वॉर्निंग पर जरूर ध्यान दें. ऐसा नहीं करना आपको मुश्किल में डाल सकता है.
सरकार एजेंसी CERT-In ने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए वॉर्निंग जारी की है. CERT-In की मानें तो एंड्रॉयड फोन्स में एक बड़ी खामी का पता चला है.
सरकारी एजेंसी CERT-In ने Google Chrome को प्रभावित करने वाली कई खामियों का पता लगाया है. ये खामियां अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर क्रोम में हैं.
सरकारी एजेंसी CERT-In ने भारतीय स्मार्टफोन और टैबलेट यूजर्स के लिए वॉर्निंग जारी की है. एजेंसी ने पुराने एंड्रॉयड वर्जन का इस्तेमाल कर रहे यूजर्स के लिए चेतावनी जारी की है.
सरकारी एजेंसी CERT-In ने Google Chrome यूजर्स के लिए वॉर्निंग जारी की है. साइबर सिक्योरिटी एजेंसी की ये वॉर्निंग हाई रिस्क वाली है.
CERT-In Warning: सरकारी एजेंसी CERT-In ने ऐपल के तमाम डिवाइसेस के लिए वॉर्निंग जारी की है. दरअसल, iPhone, iPad और MacBook में कुछ ऐसी वल्नेरेबिलिटीज पाई गई हैं, जिनका फायदा उठाकर हैकर्स आसानी से यूजर्स को टार्गेट कर सकते हैं. इन खामियों की मदद से हैकर्स रिमोटली किसी यूजर का डिवाइस एक्सेस भी कर पाएंगे. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.
CERT-In Warning: अगर आप Google Chrome का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको तुरंत ही इस वेब ब्राउजर को अपडेट कर लेना चाहिए. दरअसल, सरकारी एजेंसी CERT-In ने इस ब्राउजर को लेकर एक वार्निंग जारी की है. CERT-In की मानें तो इस वेब ब्राउजर में कुछ खामियां पाई गई हैं, जिसका इस्तेमाल करके हैकर्स यूजर्स को टार्गेट कर सकते हैं. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.
भारत सरकार की एजेंसी कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पोंस टीम (CERT-In) ने iPhone और iPad यूजर्स के लिए वॉर्निंग की जारी की है. दरअसल, CERT-In ने iOS और iPad OS के कुछ वर्जन में कुछ वल्नरबिलिटी को डिटेक्ट किया है. यह वल्नरबिलिटी हैकर्स की मदद कर सकती हैं और आपके डिवाइस से जरूरी सेंसटिव डेटा तक शेयर हो सकता है. आइए इस खतरे के बारे में और इससे सेफ्टी के उपाय जानते हैं.
Google ने अपने यूजर्स के लिए एक चेतावनी जारी की है. यह बहुत से यूजर्स के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है. यूजर्स को स्पैम अटैक से सावधान रहने को कहा है, जहां यूजर्स के पास एक संदिग्ध फाइल आ रही है, जिसके जरिए आपके डिवाइस और ड्राइव में मैलवेयर एंटर कर सकते हैं. इसके बाद वह आपको काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं.