बेल्हा देवी धाम (Belha Devi Temple) उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के बेला शहर में स्थित एक प्राचीन हिंदू मंदिर है. यह मंदिर माता बेल्हा देवी को समर्पित है, जिन्हें देवी माँ का स्थानीय रूप माना जाता है. कहा जाता है कि “बेला” शहर का नाम भी इसी देवी के नाम पर पड़ा, जिसे आज बेला प्रतापगढ़ या सिर्फ प्रतापगढ़ कहा जाता है. यह मंदिर उत्तर भारत के प्रमुख शक्ति स्थलों में से एक माना जाता है. यहां माता बेल्हा भवानी की पूजा की जाती है, जिन्हें शहर की रक्षक देवी भी माना जाता है.
साईं नदी के किनारे स्थित यह मंदिर आस्था और परंपरा का एक खास प्रतीक है. यहां वर्षों से शक्ति पूजा की परंपरा चली आ रही है, जिसमें भगवान शिव और उनकी शक्ति यानी माता के रूप की आराधना की जाती है. हालांकि वर्तमान में जो मंदिर दिखाई देता है, वह लगभग 200 साल पुराना है, लेकिन इस क्षेत्र का धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास इससे कहीं ज्यादा पुराना माना जाता है. उत्तर प्रदेश में हुई कई पुरातात्विक खोजों से यहां के प्राचीन इतिहास और संस्कृति की जानकारी मिलती है.
समय के साथ बहुत सी पुरानी चीजें खत्म हो गईं, लेकिन कुछ परंपराएं आज भी जीवित हैं. बेल्हा देवी मंदिर उन्हीं में से एक है, जहां आज भी लोग बड़ी श्रद्धा से पूजा करने आते हैं. यह मंदिर न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यहां की संस्कृति और इतिहास को भी जीवित रखे हुए है.