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सात की बात

महिला खिलाड़ियों से मेडल की आस, इतिहास रचने के लिए तैयार लवलीना

04 अगस्त 2021

टोक्यो ओलंपिक में एक बार फिर सभी निगाहें महिला खिलाड़ियों पर टिकी हैं. लवलीना की नजरें सुनहरे तमगे पर हैं तो भारतीय महिला हॉकी टीम भी इतिहास रचने को बेताब है. इनके सामने चुनौतियां कड़ी जरुर हैं लेकिन हमारी ये जांबाज खिलाड़ी भी हार को जीत में बदलने का हुनर जानती हैं. मीराबाई चानू और पीवी सिंधु के बाद अब मिशन मेडल को आगे बढ़ाने का जिम्मा उठाया है बॉक्सर लवलीना बॉर्गेहेन और महिला हॉकी टीम ने. सेमीफाइनल में लवलीना बॉर्गेहेन का सामना विश्व चैंपियन बुसेनाज सुरमेनेली से होगा. इस बाधा को पार कर लवलीना वो मुकाम पाना चाहती हैं जो आज तक कोई बॉक्सर हासिल नहीं कर सका. वो फाइनल की बाज़ी जीतकर गोल्ड हासिल करने का लक्ष्य रखती हैं. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो.

सेमीफाइनल में महिला हॉकी टीम, सॉलिड डिफेंस के दम पर जीता मैच

03 अगस्त 2021

कल भारतीय महिला हॉकी टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वार्टरफाइनल की बाज़ी मारी और देश को जश्न मनाने का मौका दिया. हिन्दुस्तान की शेरनियों ने दहाड़ना अभी शुरू किया है. वर्ल्ड नंबर 4 ऑस्ट्रेलिया को पस्त कर इन्होंने पहाड़ चढ़ना अभी शुरू किया है. ज्यादा नहीं बस दो कदम, दो कदम के फासले पर है चमचमाता गोल्ड. लेकिन ये मौका कमाने में पूरे 40 साल लग गए. 40 साल का वनवास बिताने के बाद भारतीय हॉकी के लिए ये गर्व का पल आया है. इससे पहले भारतीय महिला हॉकी टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1980 के मॉस्को ओलंपिक में रहा था. उस समय भारत छह टीमों में चौथे स्थान पर रही थी. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-0 से मिली जीत की नायिका रहीं गोलकीपर सविता पूनिया, जिन्होंने कुल 9 बेहतरीन बचाव किए और साबित कर दिया कि बाजी सिर्फ अटैक के आधार पर नहीं, सॉलिड डिफेंस के दम पर भी जीती जा सकती है. 22वें मिनट में गुरजीत कौर ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर दिया. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने हिसाब चुकता करने की तमाम कोशिशें की लेकिन भारत की रक्षा पंक्ति को भेद नहीं पाईं. अब सेमीफाइनल में भारत का सामना 4 अगस्त को अर्जेंटीना से होगा, जिसने जर्मनी को 3-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है.

Tokyo Olympics: पीवी सिंधु ने जीता ब्रॉन्ज, ऐसे रचा इतिहास

02 अगस्त 2021

टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिलाओं की धूम जारी है. पीवी सिंधु की जीत पर पूरा देश खुशी से झूम उठा है. प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति समेत तमाम नामी हस्तियों ने सिंधु को ब्रॉन्ज जीतने पर बधाई दी है.इसके साथ ही पीवी सिंधु देश की इकलौती महिला खिलाड़ी बन गई हैं जिन्होंने ओलंपिक में लगातार दो मेडल जीते हों. इससे पहले 2016 रियो ओलंपिक में भी सिंधु ने सिल्वर मेडल जीता था. हालांकि पीवी सिंधु की राह आसान नहीं थी. महज 1 दिन पहले ताइपे की ताइ जू यिंग से मिली शिकस्त से सिंधु उबरीं और चीन की जियाओ बिंग हे से ब्रॉन्ज़ झटककर इतिहास रच दिया. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो.

बंगाल में बीजेपी को बड़ा झटका, बाबुल सुप्रियो ने सियासत से लिया सन्यास

01 अगस्त 2021

पूर्व केंद्रीय मंत्री और बंगाल में बीजेपी के बड़े नेता बाबुल सुप्रियो ने राजनीति को अलविदा कह दिया है. बाबुल ने ये ऐलान सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर किया. लोकसभा सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है. पोस्ट में बाबुल ने लिखा कि राजनीति में सिर्फ समाज सेवा के लिए आए थे. अब उन्होंने अपनी राह बदलने का फैसला लिया है. बाबुल ने कहा है कि लोगों की सेवा करने के लिए राजनीति में रहने की जरूरत नहीं है. वे राजनीति से अलग होकर भी अपने उस उदेश्य को पूरा कर सकते हैं. बाबुल सुप्रियो ने तो यहां तक लिखा कि वे टीएमसी या कोई दूसरी पार्टी में शामिल नहीं होंगे. आपको बता दें कि- बाबुल करीब 7 साल राजनीति में एक्टिव रहे. देखें वीडियो.

मौसम की मार: उत्तराखंड में दिखा भूस्खलन का खौफनक मंजर

31 जुलाई 2021

बारिश के मौसम में पहाड़ से मैदान तक हाहाकार मचा हुआ है. कही नदी-नाले उफान पर हैं. तो कहीं भूस्खलन के चलते रास्ते बंद है. और ऐसे हालात के बीच लोगों को मुसीबत झेलनी पड़ रही है. दक्षिण सिक्किम के नामची में पूरी रोड मलबे के चलते बंद पड़ी है. मौसम की मार सिर्फ पहाडों पर ही नहीं पड़ रही है. मैदानी इलाके में भी बाढ़ जैसे हालात के बीच लोग मुसीबत झेल रहे हैं. पुलवामा के त्राल इलाके में नदी में आई बाढ़ निर्माणाधीन पुल को साथ बहाती ले चली गई. लैंडस्लाइड की वजह से चमोली में पहाड़ दरक गया है. लैंडस्लाइड के चलते आफत पश्चिम बंगाल से सिक्किम जाने वाले हाइवे पर भी आई है. देखें वीडियो.

दिल्ली पर संकट! हथिनीकुंड बैराज से यमुना में छोड़ा गया पानी

30 जुलाई 2021

दिल्ली पर मंडरा बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. जैसे-जैसे यमुना का पानी बढ़ रहा है. वैसे-वैसे यमुना से सटे इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ता चला जा रहा है. यमुना की लहरें दिल्लीवालों को डरा रही है. पहाड़ों में हो रही लगातार बारिश के चलते यमुना नदी उफान पर है. जिसके कारण हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज में पानी बढ़ गया है. पानी बढ़ जाने की वजह से बैराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं. जिससे यमुना का जलस्तर बढ़ता जा रहा है. बैराज का पानी दिल्ली की तरफ छोड़ दिया गया. अब तक लाखों क्यूसेक पानी दिल्ली की तरफ छोड़ा जा चुका है. ये पानी दिल्लीवालों की मुसाबत बढ़ा सकता है. देखें वीडियो.

दिल्ली में बादल मेहरबान: जुलाई में 18 साल बाद हुई राजधानी में रिकॉर्ड बारिश

29 जुलाई 2021

राजधानी दिल्ली में मंगलवार को जमकर बारिश हुई. महीनों से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को इस बारिश का काफी दिनों से इंतजार था. लाई की शुरुआत में कुछ दिनों तक तो अच्छी बारिश हुई लेकिन फिर बादलों की रफ्तार कुछ थम सी गई. अब एक बार फिर आसमान से झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है. मौसम विभाग के अनुसार मानसून ने वी शेप रिकवरी कर ली है. दिल्ली में तो जुलाई की बारिश ने 18 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. 2003 के जुलाई महीने में 381 मिमी बारिश हुई थी. लेकिन इस वर्ष जुलाई महीने में इससे भी ज्यादा वर्षा हुई. बारिश की वजह से निचले इलाकों में पानी भर गया, जिसकी वजह से सड़कों पर लंबा जाम भी लग गया. देखें वीडियो.

यूपी के बाराबंकी में भीषण सड़क हादसा, ट्रक सवार 18 मजदूरों की मौत

28 जुलाई 2021

बाराबंकी के थाना रामस्नेही घाट इलाके में एक खड़ी बस में ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी. हादसे में ट्रक सवार 18 मजदूरों की मौत हो गई. वहीं कई लोग घायल हो गए हैं. ये मजदूर बस से हरियाणा के पलवल से बिहार जा रहे थे. बस में करीब 100 लोग सवार थे. हादसे में 15 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए. इनका इलाज बाराबंकी लखनऊ ट्रामा सेंटर में चल रहा है. बाराबंकी के एसपी के मुताबिक एक्सल टूटने की वजह से हादसा आधी रात को बस रामस्नेहीघाट के ढाबे के पास खड़ी थी, तभी खड़ी बस में तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी. देखें सात की बात का ये एपिसोड.

दिल्ली-NCR में सुकून की बारिश, पानी से तर-बतर कनॉट प्लेस

27 जुलाई 2021

सुबह-सुबह बरसात ने दिल्ली का स्वागत किया है. कई इलाकों में तेज बारिश हो रही है. राजधानी में सुबह-सुबह काले बादल छा गए और जैसे दिन में ही अंधेरा छा गया. सुबह सूरज के दर्शन नहीं हुए. सड़कों पर दौड़ने वाली गाड़ियों की हेड लाइट्स जलने लगी. मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली और करीबी इलाकों में बारिश के आसार हैं. आज बारिश आगे जारी रहेगी और हमेशा की तरह दिल्ली की सड़कों पर पानी भरने लगा तो दफ्तर के लिए निकलने वाली भीड जहां तहां फंसेगी और ट्रैफिक जाम की तस्वीरें फिर से सवाल करने लगेंगी. देखें अभी बारिश से क्या है हालात.

दिल्ली अनलॉक: 100 फीसदी क्षमता के साथ चलेंगे मेट्रो-बस, सिनमेघर भी खुलेंगे

26 जुलाई 2021

देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के दैनिक मामलों में गिरावट आ गई है. ऐसे में दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने कोरोना कर्फ्यू के रियायतों में और ढील देने का फैसला किया है. आज से दिल्ली में अनलॉक 8 की शुरूआत हो रही है. दिल्ली में आज फुल कैपिसटी के साथ मेट्रो और बस सेवाएं चालु रहेंगी. यानि अब पूरी क्षमता के साथ यात्री सफर कर सकते हैं. 50 फीसदी क्षमता के साथ सिनमेघर, थियेटर, और मल्टिप्लेकस भी खोले जा सकेंगे. लेकिन स्कूल-कॉलेज पर अभी भी पाबंदी जारी रहेगी. शादियों में भी आने वाले मेहमानों की संख्या को 50 से बढ़ाकर 100 कर दिया गया है. देखें वीडियो.

महाराष्ट्र में बाढ़ का महा-प्रकोप, बारिश-भूस्खलन से मची तबाही

25 जुलाई 2021

बाढ़ एक वार्षिक आपदा है. जिससे दुनिया का शायद ही कोई देश बच पाता है. लेकिन इस वर्ष बाढ़ ने कुछ ज्यादा ही तांडव मचाया है. महाराष्ट्र का तो बाढ़ से बुरा हाल हो गया है. हालात इतने खराब हैं कि बारिश अब आफत बनकर बरस रही है. कहीं बांध टूट रहे है. कहीं पुल बह रहे हैं. तो कहीं इमारतें ढह रही हैं. 40 सालों की सबसे भीषण बाढ़ ने महाराष्ट्र को कैसे डूबा दिया है. बाढ़-भूस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में अब तक 100 लोगों से ज्यादा की जान जा चूकी है. वहीं, केंद्र और राज्य सरकार लोगों को बचाने का हर संभव प्रयास कर रही है. सबसे बुरा हाल महाराष्ट्र के रायगढ़ का है. जहां अकेले 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई है. देखें वीडियो.

यूपी: बाराबंकी में भीषण सड़क हादसा, 6 की मौत, 16 घायल

24 जुलाई 2021

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में शुक्रावर देर रात भीषण सड़क हादसा हुआ. श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली को ट्रक ने टक्कर मार दी. ट्रॉली में करीब 35 श्रद्धालु सवार थे. ये श्रद्धालु बाराबंकी के मंजिठा मेले में नाग देवता पर जल चढ़ाने जा रहे थे. एक्सीडेंट से लगभग आधा दर्जन लोगों की मौत हो गयी है. और 16 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. जिनका इलाज जिला अस्पताल और देवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पताल में चल रहा है. गंभीर घायलों को ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया है. रात में हुए इस हादसे से ट्रक और ट्रैक्टर दोनो पलट गए. देखें वीडियो.

पंजाब कांग्रेस: कैप्टन Vs सिद्धू में सुलह की इनसाइड स्टोरी

23 जुलाई 2021

पंजाब कांग्रेस में पावर की जंग लंबे समय से चल रही है. करीब 2 साल पहले शुरू हुआ घमासान अब थमता दिखाई देने लगा है. कैप्टन सीएम होने के साथ-साथ पंजाब कांग्रेस के सबसे सीनियर लीडर भी हैं. ऐसे में सीनियर जूनियर का विवाद तो होना ही था. लेकिन बीते 24 घंटे में पंजाब की सियासत 360 डिग्री तक घूम चुकी है. ताजपोशी से पहले नवजोत सिंह सिद्धू को लिए अच्छी खबर आ गई. सिद्धू के न्योते पर अमरिंदर सिंह उनकी ताजपोशी के कार्यक्रम में आने को राजी हो गए हैं. सरल शब्दों में आपको बताएं तो यही है कि जिस वक्त सिद्धू कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे,उस वक्त मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह मौजूद होंगे. दोनों के बीच रिश्तों में खटास की खाई अब मिठास के नए अध्याय से पट सकती है. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो.

दिल्ली कूच: जंतर-मंतर पर लगेगी किसान संसद, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा इंतजाम

22 जुलाई 2021

कृषि कानूनों के विरोध कर रहे हैं आज किसान दिल्ली कूच करेंगे. जंतर-मंतर पर किसानों को धरना प्रदर्शन करने की इजाजत मिल गई है. संसद में जब तक मानसून सत्र चलेगा यानि 9 अगस्त तक सुबह 11 से शाम 5 तक अधिकतम 200 किसान प्रदर्शनकारी को प्रदर्शन करने की इजाजत दी गई है. प्रदर्शन को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा इंतजाम सख्त कर दिए गए हैं. चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा इंतजाम है. डीडीएमए ने किसानों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की हिदायत दी है. तो दूसरी ओर माहौल खराब करने की साजिश रच रहे हैं आतंकी. खालिस्तानी आतंकी साजिश को लेकर आसूचना ब्यूरो अलर्ट पर है. देखें वीडियो.

कोरोना की तीसरी लहर कितनी दूर? देखें क्या बोले विशेषज्ञ

21 जुलाई 2021

कोरोना की तीसरी लहर बेहद घातक होगी. डेल्टा वैरिएंट कोरोना की तीसरी लहर में कहर बनकर टूटेगा. पहली और दूसरी लहर से ज्यादा घातक होगी तीसरी लहर. लेकिन सवाल उठता है कि आखिर तीसरी लहर कब आएगी? क्या तीसरी लहर को आने से रोका नहीं जा सकता है? कोरोना की तीसरी लहर से देश को बचाने के लिए जिस रफ्तार से वैक्सीनेशन किया जा रहा है, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार तीसरी लहर के खतरे को महसूस कर रही है. AIIMS में 5 राज्यों में 10 हजार की सैम्पल साइज पर स्टडी की गई. 4,500 पार्टिसिपेंट्स का डेटा लिया गया है, जिसके बाद कहा गया कि भारत में तीसरी लहर आई तो उसमें बड़ों-बच्चों में रिस्क बराबरी से रहेगी. ऐसा नहीं कह सकते कि बच्चों को खतरा अधिक होगा.   IIT-कानपुर के विशेषज्ञों ने कहा है कि तीसरी लहर का पीक अक्टूबर-नवंबर तक आ सकता है. लेकिन एहतियात बरत कर इससे कुछ हद तक बचा जा सकता है.  ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो.