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मुकाबला

क्या केरल से आएगी कोरोना की 'तीसरी लहर'? देखें मुकाबला

29 जुलाई 2021

देश में कोरोना का पहला केस केरल में आया था. कोरोना की पहली लहर की शुरुआत भी केरल में हुई थी. अब तीसरी लहर का डर सामने है और केरल में कोरोना के आंकड़े देश की चिंताएं बढ़ा रहे हैं. बीजेपी केरल सरकार पर कोरोना को लेकर लापरवाही का आरोप लगा रही है. बीजेपी का इल्जाम है कि वोट बैंक के लिए केरल सरकार ने अपने लोगों की जान जोखिम में डाल दी है. कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केरल सरकार एक्टिव हो गई है. वीकेंड पर सख्त लॉकडाउन का एलान किया जा चुका है. ऐसे में सवाल है कि कहीं केरल सरकार ने गलती तो नहीं कर दी. सवाल ये भी है कि कहीं कोरोना की तीसरी लहर केरल से तो नहीं आने जा रही है? देखें मुकाबला का ये एपिसोड.

विपक्ष का आरोप- जासूसी विवाद को बस बयान देकर रफा-दफा करनी चाहती है मोदी सरकार

28 जुलाई 2021

पेगासस जासूसी का मसला सरकार के जी का जंजाल बन गया है. एकजुट होकर विपक्ष ने आरोपों का तोप सरकार की ओर मोड़ दिया है. आज फ्रंट फुट पर राहुल गांधी आए और उन्होने सरकार पर एक एक करके कई आरोप लगाए. राहुल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संसद में पेगासस मामले पर चर्चा नहीं करनी चाहती है. सरकार केवल बयान देकर मामले को रफा दफा करना चाहती है. वहीं राहुल गांधी के इन आरोपों को जवाब देने के लिए बीजेपी नेता संबित पात्रा सामने आए. उन्होंने कहा कि विपक्ष को देश को नहीं सिर्फ अपनी चिंता है. देखें वीडियो.

2024 में मोदी को चुनौती देने के लिए क्या है ममता प्लान? देखें तेज मुकाबला

27 जुलाई 2021

बंगाल इलेक्शन में बीजेपी को हराने के बाद. अब ममता बनर्जी दिल्ली में है. दिल्ली पहुंच कर ममता एक तीर से कई निशाने साध रही हैं. एक तरफ ममता पर तमाम बीजेपी विरोधी दलों की नजरें है तो बीजेपी भी ममता के दिल्ली दौरे को बड़ी बारीकी से देख रही है. ममता बनर्जी की मुलाकात पीएम से हो रही है. साथ वो सोनिया गांधी और प्रशांत किशोर से भी मिल रही हैं. ऐसे में सवाल है कि क्या है ममता का प्लान .क्या दिल्ली दौरे से वह 2024 चुनावों में अपने पक्ष की जमीन मजबूत करने की ये एक कवायद है. देखें वीडियो.

कहीं पाबंदियों में मिली छूट ना पड़ जाए भारी, देखें तेज मुकाबला

26 जुलाई 2021

आज दिल्ली को पाबंदियों से राहत की बड़ी सौगात मिली. मेट्रो और बस सेवा आज से पूरी क्षमता के साथ शुरु हो गईं. टैक्सी ओर ऑटो से सफर करने वालों को भी कुछ छूट मिली. कई राज्यों में स्कूल भी खोल दिए गए. लेकिन कोरोना के खतरे के बीच मिली छूट. कई कई जगह भारी पड़ती नजर आई. दिल्ली मेट्रो में जैसे अनुशासन की उम्मीद की जा रही थी. लोगों में वैसी नियमों की पाबंदी नहीं दिखी. बसों में भी यही हाल दिखा. ऐसे में डर इस बात का सताने लगा है कि कहीं पाबंदियों में मिली छूट भारी ना पड़ जाए. देखें वीडियो.

जासूसी मामला: विपक्ष के आरोपो में क्या वाकई दम है? देखें मुकाबला

23 जुलाई 2021

जासूसी के जिस मसले पर सवालों के बादल अब तक छंट जाने चाहिए थे, उस मसले पर सवालों की धुंध बढ़ती जा रही है. अब तक जासूसी के आरोपों को खारिज करने के सिवाय सरकार ने ऐसा कोई स्टैंड नहीं लिया है, जिससे विपक्ष संतुष्ट हो सके. विपक्ष ने जासूसी के मुद्दे पर आसमान सर पर उठा रखा है. ऐसे में आज राहुल गांधी सामने आए और उन्होंने सरकार पर विपक्षी नेताओं की जासूसी का सीधा आरोप मढ़ दिया.राहुल गांधी ने ये भी कहा कि उनके फोन टैप किए जा रहे हैं.राहुल ने जासूसी केस में गृहमंत्री के इस्तीफे की भी मांग कर डाली.जाहिर है बात अब सियासी हो चुकी है. ऐसे में सवाल है कि विपक्ष के आरोपों में क्या वाकई दम है और सवाल ये भी कि सरकार इस सारे मसले पर जांच के बजाए पूरे मामले को फेक न्यूज बताने पर क्यों तूली है. देखें 'तेज मुकाबला'.

जंतर-मंतर पर किसानों ने लगाई 'संसद', क्या निकलेगी सुलह की कोई राह?

22 जुलाई 2021

जो बात, बातों से भी नहीं बनी. क्या वो बात किसान संसद से बनेगी. क्या नए अवतार में आया किसान आंदोलन सरकार पर कुछ असर डाल पाएगा. जाहिर है किसानों की मांग वही पुरानी है. किसानों के तेवर वही हैं, लेकिन किसान आंदोलन का पता फिलहाल बदल चुका है. जंतर मंतर किसान आंदोलन का नया ठिकना है.किसानों की कोशिश अपनी संसद से देश की बड़ी संसद तक आवाज पहुंचाना है, जाहिर है सरकार अपने पुराने स्डैंट पर कायम है. लेकिन किसानों की नई कोशिश से इस बार सदन में कृषि कानून पर शोर कुछ ज्यादा सुनाई दे रहा है. ऐसे में सवाल है कि क्या किसान संसद से सुलह की कोई राह निकलेगी. देखें तेज मुकाबला.

तेज मुकाबला: जंतर-मंतर पर कल 200 किसान करेंगे प्रदर्शन, जानें क्या है रणनीति?

21 जुलाई 2021

कृषि कानून पर छिड़ा संग्राम कब खत्म होगा, कैसे खत्म होगा. ये बड़ा सवाल बन चुका है. आठ महीने से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन सुलह की कोई सूरत नजर नहीं आ रही है. ऐसे में मॉनसून सत्र शुरु होते ही किसानों ने भी अपनी शिकायतों की संसद सजाने की तैयारी कर ली है. 200 की संख्या में कल से किसान जंतर-मंतर पर अपनी मांगों का झंडा बुलंद करेंगे और सरकार के सामने फिर वही मांगे रखेंगे, जिसे लेकर वो कई महीनों से सड़कों पर हैं. उधर सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि वो कृषि कानून के सिवाय हर मसले पर बात को तैयार है. ऐसे में सवाल है जब दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हैं तो फिर बात आगे कैसे बढ़ेगी. देखें, तेज़ मुकाबला.

क्या जासूसी पर मचा हंगामा मानसून सत्र पर पड़ जाएगा भारी?

20 जुलाई 2021

जासूसी के जिन आरोपों पर भारत में हंगामा मचा है. सरकार ने बचाव में सारी ताकत झोंक दी है. उसी जासूसी केस में फ्रांस सरकार ने जांच बैठा दी है. हाल ये है कि जासूसी केस के चलते दोनों सदन में हंगामा मचा है. विपक्ष चाहता है कि मामले की जांच Joint parliamentary committee से कराई जाए. तो वहीं सरकार सफाई देकर मामले को रफा करना चाहती हैजाहिर है इस खीचतान में सदन का वक्त बर्बाद हो रहा है. ऐसे में सवाल है कि क्या जासूसी पर मचा हंगामा मानसून सत्र पर भारी पड़ने जा रहा है.आज इसी मसले पर करेंगे तेज मुकाबला.

पेगैसस स्पाइवेयर के जरिए वाकई देश में हो रही जासूसी? देखें मुकाबला

19 जुलाई 2021

सियासत में जासूसी का जिन्न फिर से बाहर निकल आ गया है. सवाल उठ रहे है कि क्या वाकई देश में 300 से ज्यादा लोगों की मोबाइल के जरिए जासूसी की गई. आरोप ये भी है कि सरकार तमाम लोगों के फोन हैक करके उन पर नजर रख रही थी. आरोपों की जद में इजराइली कंपनी एनएसओ ग्रुप है. जिसके पेगैसस स्पाइवेयर के जरिए देश में 300 लोगों के फोन हैक करने का आरोप है. इन तीन सौ लोगो में मंत्रियों के साथ साथ विपक्ष के नेताओं, वैज्ञानिकों, पत्रकारों, कानून जगत से जुड़े लोग भी शामिल हैं.आरोप है कि उद्योगपतियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी जासूसी की गई. हालांकि सरकार ने इन आरोपों से इंकार किया है.और इजराइली कंपनी भी ऐसे आरोपों को सिरे से खारिज कर रही है. देखें वीडियो.