scorecardresearch
 

देश का गौरव

बॉर्डर विवाद: असम सरकार ने कहा- मिजोरम की यात्रा न करें, देखें देश का गौरव

31 जुलाई 2021

असम और मिज़ोरम राज्यों के बीच तनाव बेहद बढ़ गया है. स्थिति इस समय इतनी गंभीर है कि असम सरकार ने अपने राज्य में रहने वाले लोगों को हिदायत दी है कि वो या तो मिज़ोरम न जाएं या अगर वहां है तो एतियात बरतें. यही नहीं असम ने मिज़ोरम से आने वाली हर गाड़ी की जांच शुरू कर दी है यह कहते हुए कि मिज़ोरम के रास्ते नशीले पदार्थ देश में आ रहे हैं. मिज़ोरम ने असम पर पुलिस बढ़ा कर बार्डर पर रहने वालों मिज़ोरम के लोगों को डराने का आरोप लगाया है. बता दें कि यह भारत पाकिस्तान सीमा नहीं, भारत के दो राज्यों की सीमा है.

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यक्रम में शाम‍िल लेफ्ट नेता, उठ रहे सवाल

30 जुलाई 2021

लद्दाख में चीन की हरकतों पर समूचा हिंदुस्तान आज भी उबल रहा है लेकिन हिंदुस्तान में अब भी चीनी प्रेमी हैं. चीन की कम्युनिस्ट पार्टी पूरे 100 साल की हो गई है और इसको लेकर दिल्ली में चीनी दूतावास में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया. उस कार्यक्रम में बीजेपी और कांग्रेस के नेता तो शामिल नहीं हुए लेकिन वाम दलों के कुछ नेता उसमें शामिल हुए. सवाल ये उठता है कि चीन जिस तरह की साजिशें रच रहा है क्या ऐसे हालात में चीन से प्रेम दिखाना जरूरी है? क्या ये सेना के मनोबल को कम करने वाला कदम नहीं है? देश हित जरूरी है या पार्टी हित? क्या इससे देश के मान को ठेस नहीं पहुंचती? देखिए ये रिपोर्ट.

तिब्बत को लेकर अमेरिका और भारत ने चीन को दिया कड़ा संदेश

28 जुलाई 2021

अमेरिका ने हिदुस्तान की सरजमी से चीन को एक कड़ा संदेश दिया है दिल्ली में अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने तिब्बत की निर्वासित सरकार के प्रतिनिधि से मुलाकात की. अमेरिका और तिब्बत के निर्वासित प्रतिनिधि की मुलाकात से चीन को काफी परेशानी होने वाली है. ब्लिकंन ने दलाई लामा के प्रतिनिधि से मुलाकात कर तिब्बत के मौजूदा हालात के बारे में भी जानकारी ली. इसके अलावा अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन ने देश के विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की. इस मुलाकात में भी दोनों ने क्वॉड को लेकर चीन को सीधा संदेश दिया है. देखें ये वीडियो.

हिंसक झड़प के बाद असम-मिजोरम के बीच अभी भी जारी जुबानी वार-पलटवार

27 जुलाई 2021

असम में अपने पांच पुलिसवालों की मौत पर जबरदस्त गुस्सा है. असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने झड़प की पूरी जिम्मेदारी मिजोरम पर डाल दी. जिसके बाद से असम और मिजोरम में जुबानी वार पलटवार भी हो रहा है. इन सबके बीच आज असम में मारे गए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई. और उनके परिवारों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक मदद और घर के एक सदस्य को नौकरी भी वादा किया गया. इसके अलावा खूनी झड़प के बाद से हेमंत बिस्वा सरमा एक्शन में हैं. जख्मी जवानों का हाल-चाल लेने सिलचर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भी गए और डॉक्टरों को जवानों का बढ़िया से बढ़िया इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. देखें वीडियो.

कारगिल के 22 साल बाद भी सीमाओं पर नहीं टला है खतरा

26 जुलाई 2021

कारगिल फतह के 22 साल हो चुके है. सीज फायर की वजह से घाटी में बंदूकें खामोश हैं. लेकिन जम्मू कश्मीर हो या लद्दाख .हिंदुस्तान पर दो तरफ से खतरा टला नही है.जम्मू में भारत की करीब 200 किलोमीटर की सीमा पाकिस्तान से लगती है. इसके बाद करीब साढ़े सात सौ किलोमीटर का लाइन ऑफ कंट्रोल है. करीब 110 किलोमीटर किलीटर की रेंज सल्तोरो रिजलाइन से सियाचिन ग्लेशियर तक है. इसके बाद चीन से जुड़ी करीब 830 किलोमीटर के एलएसी पर भी पिछले साल से तनाव है. लेकिन हिंदुस्तान ने कारिगल द्रास मेमोरियल से जता दिया है कि भारत से टकराने वाले हर दुश्मन को नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा. देखें वीडियो

कारगिल फतह की 22वीं सालगिरह पर भारतीय सेना की बाइक रैली, देखें देश का गौरव

23 जुलाई 2021

द्रास ये वो जगह है, जहां आने पर दिल जोश से भर जाता है. ये वो जगह है जो हिंदुस्तान के शौर्य और पराक्रम का गवाह है. ये याद दिलाता है उन जवानों कि जिन्होंने अपनी जान देकर कारगिल का युद्ध जीता. उन शहीदों की याद में आर्मी ने दो दिनों की ध्रुव कारिगल बाइक रैली की. कल उधमपुर से शुरु हुआ ये सफर आज द्रास में खत्म हुआ. रैली के दूसरे दिन जवानों का ये काफिला चिनार कोर हेडक्वार्टर से निकला, तो सभी के दिल जोश से भरे हुए थे. एक साथ 25 बाइक्स की आवाज आसमान में गूंज रही थी. इस बाइक रैली की अगुवाई खुद दोनों कोर कमांडर कर रहे थे. देखें तेज 'देश का गौरव'.

कारगिल जीत के 22 साल, शहीदों को सलाम करने का आर्मी अंदाज, देखें देश का गौरव

22 जुलाई 2021

साल 1999 की सर्दियों में पाकिस्तान की सेना ने मौका देखकर जम्मू-कश्मीर की करगिल समेत और कुछ चोटियों पर कब्जा कर लिया था. अप्रैल के आखिर और मई की शुरुआत में जब इन चोटियों की बर्फ पिघली तो भारत सरकार को पाकिस्तान की घुसपैठ की जानकारी हुई. पाकिस्तान को यहां से खदेड़ने के लिए 5 मई से 26 जुलाई तक कश्मीर की चोटियों पर दुश्मन के साथ हमारी सेनाओं का युद्ध हुआ. कारिगल जीत के 22 साल पूरे होने पर आर्मी ने इस बाइक रैली के जरिये शहीदों को याद किया.खास बात ये थी कि इस रैली की अगुवाई नॉर्दर्न कमांड के आर्मी कमांडर और कोर कमांडर खुद कर रहे थे। आर्मी कमांडर वाई के जोशी खुद कारगिल युद्ध के हीरो रहे है। जांबाज वार हीरो के साथ इस सफर में आर्मी के जवानों का जोश भी हाई था. देखें तेज 'देश का गौरव'.

ईद की नमाज के दौरान बरसाए रॉकेट, अफगानिस्तान में रिटर्न ऑफ तालिबान!

21 जुलाई 2021

तालिबान के कहर से अफगानिस्तान लहूलुहान है. पूरी दुनिया जब ईद का जश्न मना रही थी तो अफगानिस्तान खौफ के साये में जी रहा था. त्योहारों के जश्न पर तालिबान के आतंक का साया है. आम जनता घर से बाहर निकलने में डर रही है और राष्ट्रपति के घर के पास रॉकेट से हमले हो रहे हैं. तालिबान इस्लाम की दुहाई देता है. लेकिन ईद की नमाज के दौरान रॉकेट से हमला कर देता है. काबुल में तालिबान ने राष्ट्रपति के घर को ही निशाना बनाने की कोशिश की. ईद की नमाज के दौरान एक के बाद एक तीन रॉकेट दाग दिए. गनीमत रही कि इस हमले में राष्ट्रपति और दूसरे हुक्मरानों को कोई नुकसान नहीं हुआ. अफगानिस्तान के ताज़ा हालात जानने के लिए हमारे संवाददाता अशरफ वानी सबसे खतरनाक मिशन पर निकले. अशरफ ने जब अफगानिस्तान की हकीकत अपने कैमरे में कैद की तो तालिबानी आतंक से जख्मी इस देश का दर्द सामने आ गया. देखिए देश का गौरव का ये एपिसोड.

क्या विपक्ष के लिए चुनावी हथियार बनेगा जासूसी कांड, देखें देश का गौरव

21 जुलाई 2021

संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही को कुछ ही मिनटों में स्थगित करना पड़ा. विपक्ष पूरे मामले की जांच के लिए जेपीसी के गठन की मांग कर रहा है. विपक्ष के तीखे तेवर और सरकार और बीजेपी आक्रामक रूख से साफ है कि जासूसी कांड की गूंज संसद के मॉनसून सत्र पर भारी पड़ने वाली है. और न सिर्फ मॉनसून सत्र बल्कि आने वाले चुनावों में भी विपक्ष इसे हथियार बना सकता है. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी की तरफ से मैदान में उतरे योगी आदित्यनाथ और देवेंद्र फडनविस ने इसे विदेशी साजिश बताया है. देखें वीडियो

कांवड़ यात्रा पर रोक, फिर केरल में बकरीद पर बाजार खोलने की इजाजत क्यों?

19 जुलाई 2021

कोरोना की तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है. कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक ने कांवड यात्रा पर रोक की बात की और यह आवश्यक भी था. जान है तो जहान है. राईट टू लाईफ ओवर राईट टू रिलीजन की बात की गई. लेकिन यही सब कारण क्या केरल में भी लागू नही होते? वो भी तब जब केरल में करोना के मामले तेज़ी से बढ रहे हैं. कोरोना की रोकथाम के लिए उत्तर प्रदेश हो या उत्तराखंड कांवड़ यात्रा रोक दी गई थी लेकिन केरल में बकरीद के लिए क्या किया जाए मामला कल फिर सुप्रीम कोर्ट में आएगा. लेकिन क्या स्वास्थ्य के साथ राजनीति हो रही है. विपक्ष तो पिनराई विजयन सरकार पर तुष्टीकरण का आरोप भी लगा रहा है. देखिए देश का गौरव का ये एपिसोड.