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आपका गीजर सेफ है या नहीं? देर की तो बिजली का झटका पड़ सकता है

कब बदलना चाहिए घर का गीजर ये सवाल आम तौर पर लोगों के मन में नहीं होता है. लेकिन गीजर एक ऐसा प्रोडक्ट है जो लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है.

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Water heater geyser
Water heater geyser

आपने अपने घर का गीजर आखिरी बार कब बदला था? रेंट पर रहने वाले लोगों को ये पता भी नहीं होता कि उनके बाथरूम में लगा गीजर कितने साल पुराना है. चूंकि इसका काम सिर्फ पानी गर्म करना है और ये काम काफी आसान है. खुद से भी इंसान दो ब्लेड के जरिए पानी गर्म कर सकता है. इमर्शन रॉड से भी पानी गर्म होता है, इसलिए काम आसान हो जाता है.

 घर में लगा गीजर धीरे-धीरे काम कम करने लगता है और एक दिन छोटे-छोटे संकेत बड़े खतरे में बदल सकते हैं. सही टाइम पर बदलना न सिर्फ आपके पैसे बचाता है बल्कि बिजली का झटका और जलने जैसे रिस्क भी कम करता है. आमतौर पर टैंक वाले गीजर्स की एवरेज लाइफ 8–12 साल मानी जाती है, और अगर आप टैंकलेस यानी इंस्टैंट गीज़र लेते हैं तो वह ठीक मेंटेनेंस के साथ 15–20 साल तक भी चल सकता है. 

सबसे पहला संकेत यही है कि गर्म पानी अब पहले जैसा नहीं आ रहा. पानी या तो ठीक से गरम नहीं होता या गर्मी अचानक कम-ज्यादा हो जाती है, जिससे नहाना, बर्तन धोना या कोई और काम मुश्किल हो जाता है. 

कोरोजन इश्यू

इसके साथ अगर पानी में जंग या रंग बदल कर दिखे, तो ये टैंक के अंदर कोरोजन की तरफ इशारा है, मतलब अंदर का मेटल धीरे-धीरे घिस रहा है, और किसी भी वक्त टैंक से पानी लीक हो सकता है. 

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एक और आम चेतावनी है अजीब आवाज़ें. अगर गीजर से चट-चट की आवाज़ आ रही है, या बिलकुल खट-खट, तो अंदर जमा हुआ मिनरल-स्केल या सेडामाइट हीटर एलिमेंट पर असर डाल रहा है. 

यह समस्या लंबे समय में हीटिंग एलिमेंट को खराब कर देती है और एफिशिएंसी घटा देती है. साथ ही अगर गीजर के पीछे या बेस पर कहीं पानी टपक रहा हो तो समझ लें कि रिपेयर से आगे बदलना ही सस्ता और सुरक्षित रहेगा. 

लीक का खतरा

पर सिर्फ काम न करना ही खतरा नहीं है. बिजली से जुड़े हादसे सबसे भयावह होते हैं. पुराने या खराब वायरिंग वाले गीजर में करंट लीक का रिस्क रहता है, जिससे झटका लग सकता है. 

इसलिए हर घर में Residual Current Device (RCD) या GFCI जैसे सेफ्टी और सिक्योरिटी डिवाइस होना चाहिए  ये डिवाइस करंट में असामान्य प्रवाह पाते ही बिजली काट देते हैं और बड़ी दुर्घटना से बचाते हैं. 

साथ ही गीज़र की अर्थिंग यानी जमीन से कनेक्शन ठीक होना बेहद जरूरी है; कमजोर अथवा टूटी अर्थिंग ही अक्सर शॉक के मामले बनाती है. 

गर्मी-शुरुआत और सेफ्टी-टेम्परेचर की बात करें तो एक्सपर्ट्स आमतौर पर घरेलू उपयोग के लिए 50–60°C (लगभग 120°F) के बीच पानी सेट करने की सलाह देते हैं.  इससे बैक्टीरिया का खतरा भी कम होता है और साथ ही जलन का भी रिस्क नियंत्रित रहता है अगर एंटी स्केल्ड डिवाइस या मिक्सर इस्तेमल किया गया हो. 

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फ्रिक्वेंट रिपेयर और बार-बार पार्ट बदलवाना भी इशारा है कि आपने गीज़र की मरम्मत पर खर्च करना छोड़ कर नया लेना शुरू कर देना चाहिए. अगर एक-दो साल में ही हीटिंग एलिमेंट, थर्मोस्टेट और दूसरे हिस्सों की बार-बार समस्या आ रही है, तो कुल मिलाकर नया खरीदना ही बेहतर ऑप्शन होगा.

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