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नोएडा के स्कूली छात्र ने बनाया मजेदार ऐप, Google ने किया सम्मानित

नोएडा के रहने वाले 14 वर्षीय स्कूली छात्र ने एक ऐसा ऐप बनाया जिसके लिए गूगल ने उन्हें सम्मानित किया है. मृगांक पावागी नामक छात्र ने 'वेबमी' (Webme) नाम से एक ऐसा एंड्रॉयड ऐप बनाया है जो गेम के जरिए लोगों को इंटरनेट की दुनिया में सुरक्षित रहने की जानकारी देता है.

मृगांक पावागी, फेसबुक से ली गई तस्वीर मृगांक पावागी, फेसबुक से ली गई तस्वीर

नोएडा के रहने वाले 14 वर्षीय स्कूली छात्र ने एक ऐसा ऐप बनाया, जिसके लिए गूगल ने उसेे सम्मानित किया है. मृगांक पावागी नामक छात्र ने 'वेबमी' (Webme) नाम से एक ऐसा एंड्रॉयड ऐप बनाया है जो गेम के जरिए लोगों को इंटरनेट की दुनिया में सुरक्षित रहने की जानकारी देता है.

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, Google को स्कूली छात्र का ये कारनामा इतना रास आया कि कंपनी ने उन्हें सम्मानित किया है. दरअसल ‘Webme’ ऐप के लिए 6 फरवरी को गूगल इंडिया के गूगल वेब रेंजर्स के तीसरे संस्करण में मृगांक को विजेता घोषित किया गया है.

वेब रेंजर्स गूगल की ओर से आयोजित किए जाने वाला एक वार्षिक कार्यक्रम है. इसकी शुरुआत 2015 में की गई थी. इस कॉन्टेस्ट का लक्ष्य किशोरों की तरफ से इंटरनेट सेफ्टी से जुड़े इनोवेशन या प्रोजेक्ट को प्रोत्साहित करना है. वेब रेंजर्स कॉन्टेस्ट के तीसरे एडिशन में देशभर से 5,000 प्रोजेक्ट्स, कैंपेन और पोस्टर प्राप्त हुए और मृगांक का नाम तीन विजेताओं में शामिल है.

विजेताओं को गूगल इंडिया की तरफ से टैबैलेट और प्रमाण पत्र दिए गए हैं. मृगांक पावागी नोएडा के एक स्कूल में कक्षा 8वीं के छात्र हैं. इस ऐप को उन्होनें 2017 में डेवलप किया था. ऐप के बारे में मृगांक बताते हैं कि, इस गेम में कुल 5 लेवल्स हैं. अगर प्लेयर हर लेवल क्रॉस कर लेता है उसे इंटरनेट सेफ्टी सीखने के लिए सर्टिफिकेट दिया जाता है.

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