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अब गायों का भी चेहरा पहचानेगी इस कंपनी की टेक्नोलॉजी

आपने स्मार्टफोन्स में अक्सर फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी में सुना होगा, जिससे लोगों का चेहरा पहचाना जाता है. इस बायोमैट्रिक इमेजिंग का इस्तेमाल यूं तो वांटेड अपराधियों को ट्रैक करने के लिए किया जाता रहा है. लेकिन अब एक आयरिश कंपनी एक नए फेशियल रिकग्निशन तकनीक के जरिए डेयरी के गायों को टारगेट कर रही है.

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फोटो क्रेडिट- Cainthus
फोटो क्रेडिट- Cainthus

आपने स्मार्टफोन्स में अक्सर फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी में सुना होगा, जिससे लोगों का चेहरा पहचाना जाता है. इस बायोमैट्रिक इमेजिंग का इस्तेमाल यूं तो वांटेड अपराधियों को ट्रैक करने के लिए किया जाता रहा है. लेकिन अब एक आयरिश कंपनी एक नए फेशियल रिकग्निशन तकनीक के जरिए डेयरी के गायों को टारगेट कर रही है.

ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आयरिश कंपनी अपने इस नए फेशियल रिकग्निशन तकनीक को दुनियाभर के डेयरी फॉर्म तक पहुंचाना चाहती है. डबलिन बेस्ड इसे डेटा सॉल्यूशन कंपनी ने कृषि दिग्गज Cargill के साथ साझेदारी की है. ताकी गायों को उनके फेशियल फीचर और छुपे हुए पैटर्न के आधार पर पहचानने के लिए प्रेडेक्टिव इमेजिंग सिस्टम जेनरेट कर सकें.

ये सॉफ्टवेयर डेयरी फार्मर्स को उनके गायों के टेम्परेचर और फूड इनटेक के संदर्भ में भी डेटा उपलब्ध कराएगा. फिलहाल अमेरिका में एक प्रतिष्ठित निजी संस्था है. कंपनी नॉर्थ अमेरिका, यूरोप और एशिया के इलाके में बीफ और पोल्ट्री सेल करती है.

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एक स्टेटमेंट में Cargill कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, ये टेक्नोलॉजी डेयरी इंडस्ट्री में क्रांति ला देगी. हमारी इस तकनीक के जरिए ग्राहक अपने डेयरी की हालत में सुधार ला सकेंगे. साथ ही जानवरों की सेहत का भी ध्यान रखने में मदद मिलेगी.

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