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कॉल ड्रॉप की समस्या हल करेगी ट्राई की ये नई योजना

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) संभवत: इसी महीने से दूरसंचार आपरेटरों की सर्विस क्वालिटी और कॉल ड्राप के मामलों की स्वतंत्र तौर पर जांच की शुरआत इसी महीने से कर सकता है.

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मोबाइल फोन यूजर
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ऐसा आपके साथ भी कई दफा हुआ होगा कि आप किसी से बात कर रहें हों और आपका कॉल अचानक से कट गया हो. ट्राई की नई योजना आपको इस परेशानी से निजात दिला सकती है.

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) संभवत: इसी महीने से दूरसंचार आपरेटरों की सर्विस क्वालिटी और कॉल ड्राप के मामलों की स्वतंत्र तौर पर जांच की शुरआत इसी महीने से कर सकता है. यह काम पांच महीने से ज्यादा के अंतराल के बाद होगा.

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अध्यक्ष आर.एस. शर्मा ने पीटीआई-भाषा से कहा, 'स्वतंत्र रूप से परीक्षण का काम जल्द शुरू होने जा रहा है. वास्तव में इसमें कुछ अंतर आ गया था जिसे दूर कर लिया गया है. संभवत: वह इस महीने से इसकी शुरुआत कर लेंगे.'

दूरसंचार कंपनियां जहां एक तरफ अपनी प्रदर्शन निगरानी रिपोर्ट को नियमित रूप से ट्राई को सौंपतीं हैं, वहीं ट्राई भी स्वतंत्र एजेंसियों के जरिये सर्विस क्वालिटी का आकलन और उसका ऑडिट भी करता है. एजेसियों ने दूरसंचार आपरेटरों के कामकाज का आकलन और ऑडिट करने के लिये देशभर में विभिन्न शहरों में नमूने के तौर पर परीक्षण की शुरआत भी की है.

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शर्मा ने कहा कि यह स्वतंत्र रूप से किए जाने वाले परीक्षण आपरेटरों की सहातया से होने वाले परीक्षण से अलग होता है. उन्होंने कहा, हम 11-12 शहरों में परीक्षण की शुरआत कर रहे हैं. हम और ज्यादा शहरों में यह करेंगे. यह कंपनियों की सहायता से होने वाले परीक्षण से अलग होगा.

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