पुणे में मंगलवार को क्रिकेट के भगवान ने संसद की सियासत पर दिया अपना बयान. सचिन ने कहा है कि वो क्रेकेटर हैं, क्रिकेटर थे और क्रिकेटर ही रहेंगें. सचिन की ये बात उन तमाम आलोचकों के लिए करारा जवाब मानी जा रही है जिन्होंने संसद के लिए उनकी नामजदगी को सियासी रंग देने की कोशिश की थी.