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नॉटिंघम टेस्टः ड्रॉ हुए मैच में बनें ढेरों रिकॉर्ड्स...

भारत और इंग्लैंड के बीच नॉटिंघम टेस्ट भले ही ड्रॉ पर खत्म हुआ हो लेकिन इन पांच दिनों में टेस्ट क्रिकेट में कई रिकॉर्ड्स बने और टूटे. जोए रूट और जेम्स एंडरसन की जोड़ी ने जहां 10वें विकेट के लिए साझेदारी का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया तो वहीं भुवनेश्वर कुमार ने 9वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए दोनों पारियां मिलाकर सबसे अधिक रन बना डाले.

जोए रूट और एंडरसन की जोड़ी ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड जोए रूट और एंडरसन की जोड़ी ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

भारत और इंग्लैंड के बीच नॉटिंघम टेस्ट भले ही ड्रॉ पर खत्म हुआ हो लेकिन इन पांच दिनों में टेस्ट क्रिकेट में कई रिकॉर्ड्स बने और टूटे. जोए रूट और जेम्स एंडरसन की जोड़ी ने जहां 10वें विकेट के लिए साझेदारी का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया तो वहीं भुवनेश्वर कुमार ने 9वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए दोनों पारियां मिलाकर सबसे अधिक रन बना डाले.

पहले दिन बने रिकॉर्ड्सः

- मैच के पहले दिन मुरली विजय ने सेंचुरी ठोकी. ये भारत से बाहर मुरली की पहली सेंचुरी थी. इससे पहले उनके जड़े गए तीनों शतक भारतीय पिचों पर थे. ट्रेंट ब्रिज पर सेंचुरी ठोकने वाले तीसरे भारतीय ओपनर भी बने मुरली. इससे पहले राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग ये कारनामा कर चुके हैं. इंग्लैंड के खिलाफ अपनी पहली ही पारी में टेस्ट सेंचुरी जड़ने वाले छठे भारतीय भी बने मुरली. इससे पहले हनुमंत सिंह, मोहम्मद अजहरुद्दीन, सौरव गांगुली, दीप दासगुप्ता और चेतेश्वर पुजारा ऐसा कर चुके हैं.

- कैप्टन कूल एम एस धोनी ने हाफसेंचुरी जड़कर रिकॉर्ड बनाया. धोनी की इंग्लैंड में ये पांचवीं हाफसेंचुरी थी जो कि भारत के अलावा किसी और देश में उनके द्वारा बनाई गई सबसे ज्यादा हाफसेंचुरी है.

- इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने शिखर धवन का विकेट लेकर टेस्ट क्रिकेट में अपने विकेटों की संख्या 356 तक पहुंचा दी. इसके साथ ही वो डेनिस लिली और चामिंडा वास (दोनों के 355 विकेट) से आगे निकल गए.

दूसरे दिन बने रिकॉर्डः

- मैच का दूसरा दिन भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी की जोड़ी के नाम रहा. इन दोनों की साझेदारी भारत की तरफ से इंग्लैंड के खिलाफ नया रिकॉर्ड है. इन दोनों ने 10वें विकेट के लिए 111 रन जोड़े. इससे पहले अनिल कुंबले और एस श्रीसंत ने 2007 में ओवल में 73 रन की भागीदारी की थी. हालांकि दोनों सचिन तेंदुलकर और जहीर खान के बीच 10वें विकेट के लिए हुई 133 रनों की साझेदारी का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाए.

- भुवनेश्वर कुमार की 58 रनों की पारी इंग्लैंड के खिलाफ 9वें नंबर पर किसी भी भारतीय द्वारा खेली गई तीसरी सबसे बड़ी पारी थी. इससे पहले फारुख इंजीनियर ने 65 और किरन मोरे ने 61 रनों की पारी खेली थी.

- मोहम्मद शमी 11वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड के खिलाफ हाफसेंचुरी जड़ने वाले एकमात्र भारतीय बल्लेबाज बने. इतना ही नहीं किसी भी टीम के खिलाफ 11वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए हाफसेंचुरी जड़ने वाले दूसरे भारतीय क्रिकेटर हैं शमी. इससे पहले गुलाम अहमद ने 1952 पाकिस्तान के खिलाफ ये कारनामा किया था.

तीसरा दिन रहा ईशांत के नामः

इयान बेल का विकेट लेकर ईशांत शर्मा ने इस बल्लेबाज को 13 टेस्ट पारियों में 5 बार आउट किया. इशांत ने पिछली पांच पारियों में 18 विकेट झटके जबकि इससे पहले के 18 विकेट हासिल करने में उन्हें 18 पारियां लग गई थीं.

चौथे दिन बने रिकॉर्ड्सः

- नॉटिंघम टेस्ट मैच के चौथे दिन जोए रूट और जेम्स एंडरसन ने मिलकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना डाला है. इन दोनों ने 10वें विकेट के लिए 198 रन जोड़े जो कि टेस्ट क्रिकेट में 10वें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है. इससे पहले ये रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के फिलिप ह्यूज और एश्टन आगर की जोड़ी के नाम था. इन दोनों ने पिछले साल इसी मैदान पर 10वें विकेट के लिए 163 रन जोड़कर ये रिकॉर्ड बनाया था.

- जेम्स एंडरसन ने 11वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 81 रन ठोके जो कि इस बैटिंग पोजिशन पर बनाया गया वर्ल्ड का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर था. एश्टर आगर (ऑस्ट्रेलिया) 98 और टीनो बेस्ट (वेस्टइंडीज) 95 ही इस लिस्ट में उनसे आगे हैं. जबकि इंग्लैंड की ओर से 11वें नंबर पर बनाया गया ये सबसे बड़ा स्कोर था.

पांचवें दिन बने रिकॉर्ड्सः

- भुवनेश्वर कुमार ने 9वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट क्रिकेट की दोनों पारियों में हाफसेंचुरी जड़ी. भुवनेश्वर ऐसा करने वाले दुनिया के दूसरे क्रिकेटर हैं. इससे पहले ये कारनामा ऑस्ट्रेलिया के पीटर सिडल ने किया था.

- भुवनेश्वर कुमार की दोनों पारियों के रन को मिला दिया जाए तो 9वें नंबर बल्लेबाजी करते हुए ये किसी भी क्रिकेटर द्वारा बनाया गया सबसे ज्यादा रन था. भुवनेश्वर ने पहली पारी में 58 और दूसरी पारी में नाबाद 63 रन बनाए.

- स्टुअर्ट बिन्नी ने 8वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए अपने करियर के पहले ही टेस्ट में पचासा जड़ा. उन्होंने 78 रनों की शानदार पारी खेली. 1947 के बाद ये पहला मौका था जब भारत के किसी क्रिकेटर ने 8वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए अपने पहले ही टेस्ट मैच में सरजमीं से बाहर पचासा जड़ा हो. इससे पहले दत्तू फाडकर ने ये कारनामा किया था.

- एलिस्टेयर कुक ने टेस्ट क्रिकेट में पहला विकेट झटका. ये दूसरा मौका था जब कुक ने टेस्ट में गेंदबाजी की. कुक ने इशांत शर्मा को आउट किया.

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