ओलंपिक की दावेदारी के सह-अध्यक्ष टोनी एस्टांगुएट ने कहा कि खेलों की दावेदारी की दौड़ से रोम के नाम वापस लेने की संभावना से पेरिस की दावेदारी पर कोई असर नहीं पड़ेगा. 10 दिन पहले रोम की मेयर वर्जीनिया रागी ने 2024 ओलंपिक और पैरालम्पिक खेलों के लिए इटली की दावेदारी पर आपत्ति जताई.
'कर्ज में डूबा है शहर'
वर्जीनिया ने इस आपत्ती के पीछे वित्तीय और भ्रष्टाचार के जोखिमों का हवाला दिया था. रोम की मेयर ने कहा, 'इतनी बड़ी प्रतियोगिता को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए काफी बड़े स्तर पर निवेश और लागत की जरूरत है और यह कर्ज में डूबे शहर के लिए संभव नहीं'
'नहीं हैं वित्तीय समस्याएं'
एस्टांगुएट ने हालांकि, वर्जीनिया के वित्तीय समस्या को एक बड़ी चिंता का कारण मानने से इनकार कर दिया. ओलंपिक खेलों में तीन बार स्वर्ण पदक जीत चुके एस्टांगुएट ने कहा, 'हमारी कोई वित्तीय समस्याएं नहीं हैं'. एस्टांगुएट ने कहा, 'पेरिस 2024 की दावेदारी के पीछे एक सबसे बड़ा तथ्य यह है कि हमारे पास खेलों के लिए जरूरी 95 प्रतिशत पहले ही मौजूद हैं. हमारे पास केवल एक एक्वेटिक सेंटर नहीं है. इसलिए, हम बड़े बजट के बारे में नहीं कह सकते.' उन्होंने कहा कि यह पेरिस चौथी बार दावेदारी कर रहा है और शहर ने शुरुआत से ही हार नहीं मानी है. वह खेल में निवेश करना जारी रखेंगे और इसलिए, उनके पास वेलोड्रोम है.
पेरिस में दो बार हो चुके हैं ओलंपिक गेम्स
पेरिस ने 1990 और 1924 में ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक खेलों का आयोजन किया था. एस्टांगुएट ने कहा कि पिछले दो साल में शहर में 40 से अधिक बड़ी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा चुका है. अंतररार्ष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) अगले साल 13 सितम्बर को 2024 ओलंपिक खेलों के मेजबान देश के लिए वोट देगी.