खेल मंत्री किरण रिजिजू ने मंगलवार को बताया कि भारत सरकार ने खेलो इंडिया खेलों को राष्ट्रीय महत्व की प्रतियोगिता घोषित किया है. खेलो इंडिया युवा खेलों का तीसरा सत्र 10 जनवरी से गुवाहाटी में शुरू होना है.
रिजिजू ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि खेलो इंडिया खेल सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं है, यह एक अभियान है. युवाओं के बीच खेल और फिटनेस को बढ़ावा देना तथा माता-पिता को संवेदनशील बनाना कि वे युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करें, वे खेल में करियर बनाने का सपना देखें, यह भारत को खेलों की महाशक्ति बनाने की दिशा में पहला कदम है.’
"Universities & schools, these are the platforms where we are going to have the world champions of the future."
Shri sharing his vision on
at the jersey & logo launch of the 1st edition of (to be held this year).
— Dept of Sports MYAS (@IndiaSports)
उन्होंने कहा, ‘मुझे यकीन है कि यह कदम अधिक युवाओं को खेलों से गंभीरता से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा.’ खेलो इंडिया युवा खेलों का आधिकारिक प्रसारणकर्ता स्टार स्पोर्ट्स टूर्नामेंट की सामग्री दूरदर्शन के साथ अनिवार्य रूप से साझा करेगा. इन खेलों के तीसरे सत्र में लगभग 6800 खिलाड़ियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है.
इस बार लॉन बॉल और साइक्लिंग को भी इसमें शामिल किया गया है. टूर्नामेंट के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. खेलो इंडिया यूथ गेम्स के तीसरे संस्करण का उद्घाटन समारोह शुक्रवार को गुवाहाटी के इंदिरा गांधी स्टेडियम में होगा.
खेलो इंडिया विश्वविद्यालय खेल 22 फरवरी से भुवनेश्वर में
पहले खेलो इंडिया विश्वविद्यालय खेल 22 फरवरी से एक मार्च के बीच भुवनेश्वर में आयोजित किए जाएंगे. ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोमवार को यह घोषणा की. इन खेलों का आयोजन कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलोजी यूनिवर्सिटी में किया जाएगा, जिसमें देशभर के 100 विश्वविद्यालयों के 4000 से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे.
कुल 17 खेलों को विश्वविद्यालय खेलों में शामिल किया गया है. इनमें तीरंदाजी, एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, तलवारबाजी, जूडो, तैराकी, भारोत्तोलन, कुश्ती, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, फुटबॉल, हॉकी, टेबल टेनिस, टेनिस, वॉलीबॉल, रग्बी और कबड्डी शामिल हैं.