खेल के बड़े पुरस्कारों में से एक द्रोणाचार्य अवॉर्ड के लिए पैनल की तरफ से कई कोच नामित किए गए हैं, लेकिन जसपाल राणा को इसके लिए नहीं चुना गया है. जिसके बाद खेल की दुनिया में कई तरह की आवाज़ें उठ रही हैं, भारत के लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले अभिनव बिंद्रा ने भी जसपाल राणा को द्रोणाचार्य अवॉर्ड न मिलने पर हैरानी जताई है और पैनल पर बुरी तरह भड़के हैं.
दरअसल, इस साल द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए विमल कुमार (बैडमिंटन), संदीप गुप्ता (टेबल टेनिस), मोहिंदर सिंह ढिल्लों (एथलेटिक्स) को नामित किया गया है. इसके अलावा लाइफ टाइम अचीवमेंट के लिए मर्जबान पटेल (हॉकी), रामबीर सिंह खोखर (कबड्डी) और संजय भारद्वाज (क्रिकेट) को नॉमिनेट किया गया है.
इसके बाद ही अभिनव बिंद्रा की तरफ से ट्वीट किया गया और इस चयन पर सवाल खड़े किए गए. अभिनव ने रविवार शाम को ट्वीट किया कि मैं हमेशा अपने शानदार प्रदर्शन का श्रेय बेहतरीन कोच को देता रहा. जसपाल राणा के लिए भी मेरी नजरों में काफी सम्मान है. लेकिन द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए उनका नहीं चुना जाना निराशाजनक है.
उन्होंने लिखा कि उम्मीद करते हैं कि इससे उनका मनोबल नहीं टूटेगा और वह आगे और वह लोगों को अच्छे तरीके से तैयार करेंगे.
I can attribute much of my success to having wonderful coaches. @jaspalrana2806 has earned my respect as one of the best & it is disappointing to see him overlooked for the Dronacharya.Hope this gives his wards the impetus to train harder &prove the committee wrong at Tokyo2020
— Abhinav Bindra OLY (@Abhinav_Bindra) August 17, 2019
समाचार एजेंसी पीटीआई की खबर के अनुसार, जसपाल राणा ने जिन बड़े प्लेयरों को तैयार किया उन्होंने ही उन्हें अपना मेंटर नहीं माना. मनु भाकर, सौरभ चौधरी ने आधिकारिक कागजातों में जसपाल राणा को अपना मेंटर ही नहीं माना. यही कारण रहा कि 12 सदस्यों के पैनल ने द्रोणाचार्य अवॉर्ड के लिए उन्हें नामित नहीं किया गया.
अभिनव बिंद्रा के ट्वीट के बाद जसपाल राणा ने भी उनका धन्यवाद किया. उन्होंने लिखा कि समर्थन के लिए शुक्रिया, अभिनव बिंद्रा. आपके शब्द मेरे लिए अधिक महत्वपूर्ण हैं. लेकिन मैं किसी के सामने खुद को साबित करने की कोशिश नहीं कर रहा हूं.
न सिर्फ अभिनव बिंद्रा, बल्कि कई अन्य सितारों ने भी जसपाल राणा के समर्थन में ट्वीट किया है, जिनमें अदनान सामी भी शामिल हैं.
आपको बता दें कि पिछले कुछ साल में भारत को निशानेबाजी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है. यही कारण है कि मनु भाकर, सौरभ चौधरी जैसे युवा खिलाड़ियों को इतनी ज्यादा सफतला मिली है. जसपाल राणा भारत के जूनियर निशानेबाजी कोच हैं, ऐसे में उन्हें इस सफलता का क्रेडिट किया जाता है. वह वर्ल्ड निशानेबाजी चैम्पियनशिप में भारत के लिए गोल्ड मेडल भी जीत चुके हैं.