सुरेश रैना भले ही मौकों का फायदा उठाकर भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम में जगह पक्की करने में नाकाम रहे हों लेकिन बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा कि एक बल्लेबाज के रूप में वह अधिक परिपक्व हो गए हैं और मध्य क्रम में अपनी अहमियत साबित करने के लिए उन्हें सिर्फ एक मौके का इंतजार है.
वनडे विशेषज्ञ माने जाने वाले रैना लंबे समय से नियमित तौर पर भारतीय वनडे टीम का हिस्सा हैं लेकिन वह टेस्ट में काफी सफल नहीं रहे हैं. उन्होंने 17 टेस्ट में 28.44 की औसत से सिर्फ 768 रन बनाए हैं.
रैना ने कहा, ‘मैंने अपनी बल्लेबाजी पर काम किया है. अगर मुझे दोबारा टेस्ट खेलने का मौका मिलता है तो निश्चित तौर पर मैं इसे जाया नहीं होने दूंगा. मेरा करियर सही दिशा में जा रहा है. फिलहाल मैं गेंद को काफी अच्छी तरह हिट कर रहा हूं. मुझे एक और मौके का इंतजार है और इस बार मुझे अच्छा प्रदर्शन करने का यकीन है.’
उन्होंने कहा, ‘हाल के मैचों में मैंने अच्छा प्रदर्शन किया है और मैं वापसी करना चाहता हूं. मुझे कोई मलाल नहीं है, मुझे नहीं लगता कि टेस्ट टीम में किसी ने मेरी जगह ले ली है. जब तब टीम जीत रही है तब तक मुझे खुशी होगी.’
रैना ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में 92.33 की औसत से 277 रन बनाए थे लेकिन इसके बावजूद राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए टीम में जगह नहीं दी. बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने इसके बाद ईरानी कप मैच में शेष भारत की ओर से मुंबई के खिलाफ पहली पारी में 134 रन की पारी खेली और फिर दूसरी पारी में भी अर्धशतक जमाया। आस्ट्रेलिया के खिलाफ मौजूदा टेस्ट श्रृंखला में चयनकर्ताओं ने रैना पर रविंदर जडेजा को तरजीह दी.
भारत सीरीज में 2-0 से आगे चल रहा है. प्रभावी स्पिन करने में सक्षम जडेजा ने पहले दो टेस्ट में गेंद से अच्छा प्रदर्शन करके रैना का टेस्ट वापसी का इंतजार बढ़ा दिया है.
रैना ने कहा, ‘मुझे जडेजा के लिए खुशी है. वह काफी अच्छा खेल रहा है. उसने काफी रन (घरेलू सत्र में) बनाए.’ उत्तर प्रदेश के बल्लेबाज रैना ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट खेलने से अधिक संतोषजनक कुछ नहीं है और उनका मानना है कि अगर वे कड़ी मेहनत जारी रखते हैं तो टेस्ट टीम में वापसी कर सकते हैं.
उन्होंने कहा, ‘टीम इंडिया के लिए आप जिस भी प्रारूप में खेलो यह शानदार अहसास होता है. निश्चित तौर पर मैं और अधिक टेस्ट क्रिकेट खेलना पसंद करूंगा. मेरा लक्ष्य टेस्ट मैच खेलना है. मेरे लिए टेस्ट क्रिकेट अलग अहसास है क्योंकि यह आपके जज्बे की परीक्षा लेता है.’