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क्यों पिच पर इतना हो हल्ला, मेरी समझ से परे: कोहली

टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान विराट कोहली का मानना है कि पिचों को लेकर होने वाली बहस उनकी समझ से परे है और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा सीरीज में वह जान बूझकर इससे दूर ही रहे हैं.

विराट कोहली विराट कोहली

टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान विराट कोहली का मानना है कि पिचों को लेकर होने वाली बहस उनकी समझ से परे है और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा सीरीज में वह जान बूझकर इससे दूर ही रहे हैं.

विराट कोहली ने बुधवार से शुरू हो रहे तीसरे क्रिकेट टेस्ट से पहले प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘विकेट को लेकर बहस मेरी समझ से परे है. मुझे समझ में नहीं आता कि भारत में विकेटों को लेकर इतना हल्ला क्यों मचाया जाता है. हमें इस तरह के विकेट पर खेलने से कोई परेशानी नहीं है. यदि दोनों टीमें किसी खास विकेट पर खेलने को राजी नहीं हो तो यह क्रिकेट के अनुकूल नहीं है लेकिन हमें कोई दिक्कत नहीं है.’ उन्होंने कहा कि उनकी टीम पिचों की स्थिति पर बात नहीं करती.

उन्होंने कहा, ‘हम पिच के बारे में बात नहीं करते. जिसे इस पर बात करनी हो, वह करे. हम इस आधार पर टीम संयोजन तय करेंगे कि पांच दिन तक पिच कैसी होगी. इस पर नहीं कि पहले दिन इसका कैसा रूख होगा.’ यहां की विकेट स्पिनरों की मददगार रहने की उम्मीद है जिस पर गेंद धीमी आएगी. कोहली ने संकेत दिया कि हालात को आकने के बाद अंतिम एकादश का चयन होगा.

कोहली ने कहा, ‘टेस्ट टीम में हालात के अनुकूल दो हरफनमौला होने जरूरी हैं. एक स्पिन हरफनमौला और दूसरा तेज गेंदबाज हरफनमौला. इससे टीम में संतुलन आता है और हम हालात के अनुसार टीम संयोजन तय करेंगे. मैं अभी उसका खुलासा नहीं करूंगा.’

कोहली ने कहा कि पिछले दो टेस्ट में भले ही ज्यादा खेल नहीं हो सका लेकिन उनकी टीम पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा, ‘मोहाली में हम जीते लेकिन उसे काफी समय हो गया. बंगलुरु में जो हुआ, उस पर हमारा नियंत्रण नहीं था. आपको भारतीय टीम का श्रीलंका दौरा (1993-94) याद होगा जब 20 या 22 दिन के दौरे पर सिर्फ एक दिन क्रिकेट हो सका था.’ उन्होंने यह भी कहा कि तीन साल पहले यहां इंग्लैंड के खिलाफ मैच से लेकर अब तक हालात काफी बदल चुके हैं.

उन्होंने कहा, ‘हालात अलग हैं. उस सीरीज में हम 1-2 से पीछे थे और वह टेस्ट ड्रॉ रहा. विकेट से ज्यादा मदद नहीं मिली. उम्मीद है कि यह विकेट वैसा नहीं होगा क्योंकि वह काफी उबाउ मैच था.’ उन्होंने कहा, ‘इस बार हालात भी अलग है. हम सीरीज में आगे हैं और बंगलुरु में भी हमने सकारात्मक खेल दिखाया. सीरीज में बढ़त बनाना कठिन होता है और एक बार बनाने के बाद उसे बरकरार रखने के लिए सकारात्मक खेल दिखाना पड़ता है. यही हमारा लक्ष्य है.’ इस मैदान पर पांच साल पहले दक्षिण अफ्रीका के कप्तान हाशिम अमला ने 253 रन बनाए थे और मेहमान टीम एक पारी के अंतर से जीती थी लेकिन कोहली ने कहा कि टीम किसी एक खिलाड़ी को निशाना नहीं बनाएगी.

उन्होंने कहा, ‘किसी भी सीरीज या दौरे पर विरोधी टीम कप्तान को निशाना बनाती है क्योंकि वही रणनीतिक होता है. हमने भी अतीत में ऐसा अनुभव किया है. हम किसी खिलाड़ी विशेष को लक्ष्य नहीं करेंगे लेकिन किसी अहम खिलाड़ी के लिए सीरीज में रन नहीं बना सकना चिंताजनक है.’

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